नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,155 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) के भीतर आने वाले 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation - स्टेज 3) तथा 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation - स्टेज 4) का गहन विश्लेषण करने पर, इन दोनों चरणों के मध्य पाए जाने वाले तात्विक और मनोवैज्ञानिक अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के तीसरे चरण ('अच्छा लड़का-अच्छा लड़की अभिविन्यास') में बालक या व्यक्ति का नैतिक तर्क पारस्परिक संबंधों, आपसी विश्वास और दूसरों से अनुमोदन (Approval) प्राप्त करने के इर्द-गिर्द घूमता है। इसके विपरीत, चौथे चरण ('कानून और व्यवस्था अभिविन्यास') में व्यक्ति का दृष्टिकोण व्यक्तिगत संबंधों से आगे बढ़कर संपूर्ण समाज के नियमों, कर्तव्यों और कानून के पालन पर केंद्रित हो जाता है, ताकि सामाजिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of…
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग का प्रतिमान पुरुषों के न्याय-उन्मुख (Justice-oriented) दृष्टिकोण पर अत्यधिक केंद्रित है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और जिम्मेदारी' (Care and Responsibility) के संदर्भात्मक और संबंधात्मक दृष्टिकोण पर आधारित होता है। गिलिगन के इस नारीवादी और विकासात्मक परिप्रेक्ष्य के अनुसार, महिलाओं के नैतिक तर्क का सर्वोच्च और परिपक्वतम स्तर कोहलबर्ग के किस स्तर या वैचारिक प्रतिमान से सीधे तौर पर भिन्नता रखता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-Conventional Level) के द्वितीय चरण—'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principles Orientation)—की दार्शनिक और तात्विक गहराई का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस चरण में व्यक्ति के नैतिक निर्णय और न्याय की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अनुसार, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले चौथे चरण यानी 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के चरम चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति किसी सामाजिक नियम या कानून के अंधे अनुपालन के बजाय अपने स्वयं के अंतःकरण, सार्वभौमिक मानवाधिकारों, न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के आंतरिक रूप से चयनित स्व-निर्धारित नैतिक सिद्धांतों के आधार पर सही और गलत का निर्णय करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक नैतिक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वायत्त निर्णय-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—के मध्य के तात्विक और विकासात्मक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों चरणों के वास्तविक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—का गहन मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों चरणों के मध्य पाए जाने वाले तात्विक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-Conventional Level) के दूसरे चरण यानी 'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principles Orientation) का गहन विश्लेषण करने पर, इस चरण की सबसे मौलिक और दार्शनिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, पारंपरिक नैतिकता (Conventional Level) के दूसरे चरण यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social Order-Maintaining Orientation) तथा उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-Conventional Level) के पहले चरण यानी 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation) के बीच के तात्विक और दार्शनिक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों चरणों के मूल विभेद को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.