अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के संदर्भ में, उच्च स्तरीय आवश्यकताओं जैसे 'आत्म-सिद्धि की आवश्यकता' (Self-Actualization) और 'सौंदर्यपरक व संज्ञानात्मक आवश्यकताएँ' तथा निम्न स्तरीय आवश्यकताओं (जैविक व सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएँ) के मध्य के तात्विक और गतिशीलता संबंधी अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मैस्लो के सिद्धांत के वास्तविक और वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
अब्राहम मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs Theory) मानव अभिप्रेरणा और व्यक्तित्व विकास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत है। इस सिद्धांत में मैस्लो ने आवश्यकताओं को एक पदानुक्रम (Hierarchy) में व्यवस्थित किया है, जिसमें इन्हें मूल रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है: पहली 'कमी या अभाव संबंधी आवश्यकताएँ' (Deficiency Needs या D-needs) और दूसरी 'वृद्धि संबंधी आवश्यकताएँ' (Growth Needs या B-needs)। विकल्प (c) इस सिद्धांत के वास्तविक और वैज्ञानिक स्वरूप को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है क्योंकि D-needs (जैसे शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान की आवश्यकताएँ) तब तक प्रबल होती हैं जब तक उनकी पूर्ति नहीं हो जाती, और पूर्ति होने पर उनका प्रभाव कम हो जाता है। इसके विपरीत, B-needs या 'आत्म-सिद्धि की आवश्यकता' (Self-Actualization) एक ऐसी वृद्धि आवश्यकता है जो संतुष्ट होने पर शांत होने के बजाय और अधिक प्रबल हो जाती है, क्योंकि व्यक्ति अपने आंतरिक पोटेंशियल और क्षमताओं का लगातार विस्तार करता रहता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- मैस्लो के पदानुक्रम में पाँच मूल स्तर होते हैं: शारीरिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा आवश्यकताएँ, सामाजिक/प्यार की आवश्यकताएँ, सम्मान की आवश्यकताएँ और आत्म-सिद्धि।
- D-needs (कमी संबंधी आवश्यकताएँ) पदानुक्रम के निचले स्तर पर आती हैं, जिनकी पूर्ति जीवन की बुनियादी उत्तरजीविता के लिए अनिवार्य है।
- B-needs (वृद्धि संबंधी आवश्यकताएँ) जैसे आत्म-सिद्धि, सौंदर्यपरक और संज्ञानात्मक इच्छाएँ उच्च स्तर पर होती हैं।
- विकल्प (a) गलत है क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में निचली आवश्यकताएँ पूरी होने पर ही व्यक्ति ऊपर बढ़ता है। विकल्प (b) गलत है क्योंकि आत्म-सिद्धि 'ग्रोथ मोटिवेशन' है न कि डिफिशिएंसी मोटिवेशन। विकल्प (d) गलत है क्योंकि सौंदर्यपरक और संज्ञानात्मक आवश्यकताएँ पदानुक्रम में ऊपर आती हैं, न कि शारीरिक आवश्यकताओं से पहले।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: मानववादी मनोविज्ञान के जनक अब्राहम मैस्लो ने प्रतिपादित किया कि मनुष्य की प्रेरणाएँ एक पदानुक्रम में कार्य करती हैं जहाँ निचले स्तर की संतुष्टि उच्च स्तर के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। विस्तृत अध्ययन के लिए देखें: मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, सुपरटेट) में मैस्लो के सिद्धांत से अक्सर D-needs और B-needs के अंतर पर विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। शिक्षकों को कक्षा कक्ष में यह समझना आवश्यक है कि यदि कोई छात्र भूखा है या असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो वह उच्च स्तरीय संज्ञानात्मक या सृजनात्मक अधिगम (आत्म-सिद्धि) में संलग्न नहीं हो सकता। अतः पहले छात्र की आधारभूत मनोवैज्ञानिक और शारीरिक आवश्यकताओं को संतुष्ट करना शिक्षक का प्राथमिक दायित्व होना चाहिए। इस प्रश्न का सही मूल्यांकन इस बात पर आधारित है कि किस प्रकार वृद्धि आवश्यकताएँ संतुष्टि के उपरांत भी निरंतर प्रेरणा का स्रोत बनी रहती हैं और व्यक्ति के समग्र विकास को गति प्रदान करती हैं।