शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,551 times
अधिगम के सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning), तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) का तुलनात्मक और गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंधों और उनके नियंत्रण तंत्र (Control Mechanism) के तात्विक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम के व्यवहारवादी सिद्धांतों में, थार्नडाइक का संबंधवाद 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) के तहत संतोषजनक परिणामों के आधार पर S-R (Stimulus-Response) बंध के निर्माण पर बल देता है। इवान पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन मुख्य रूप से अनैच्छिक, स्वाभाविक प्रतिक्रियाओं (जैसे लार आना) से संबंधित है जहाँ एक स्वाभाविक उद्दीपक को तटस्थ उद्दीपक के साथ जोड़ा जाता है (इसे S-S अनुबंधन भी कहा जाता है)। इसके विपरीत, बी.एफ. स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन ऐच्छिक और सक्रिय व्यवहारों पर केंद्रित है, जहाँ जीव पहले क्रिया (Response) करता है और उसके परिणाम स्वरूप मिलने वाला पुनर्बलन (Reinforcement) व्यवहार की आवृत्ति को निर्धारित करता है, जिसे R-S अनुबंधन के रूप में समझा जाता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory)…
← पिछला प्रश्न
इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning)…
Related Questions
→
अधिगम मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक और विश्लेषणात्मक अध्ययन पर विचार करें। यदि कोई शिक्षार्थी किसी कक्षा में शिक्षक द्वारा प्रशंसा (पुनर्बलन) मिलने के बाद बार-बार गृहकार्य समय पर पूरा करता है, और पावलव के प्रयोग में घंटी की आवाज़ के साथ लार का आना देखा जाता है, तो इन दोनों अधिगम प्रणालियों (शास्त्रीय बनाम क्रियाप्रसूत अनुबंधन) के मध्य पाए जाने वाले उस सूक्ष्म और मौलिक तकनीकी अंतर को पहचानिए जो उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया (Response) के नियंत्रण को स्पष्ट करता है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) और बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, थार्नडाइक के उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) तंत्र और स्किनर के अनुक्रिया-उदीपक (R-S) तंत्र के मध्य तात्विक एवं क्रियात्मक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थॉर्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory), तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) का गहन तुलनात्मक एवं तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंधों और उनके नियंत्रण तंत्र के स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी यांत्रिक उद्दीपक की प्रतीक्षा किए बिना अपनी स्वतंत्र या स्वैच्छिक अनुक्रियाओं (Voluntary Responses) द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और अपनी क्रिया के संतोषजनक परिणामों या 'पुनर्बलन' (Reinforcement) के माध्यम से व्यवहार को दोहराने की प्रवृत्ति को सुदृढ़ करता है, तो यह अधिगम की किस मौलिक कार्यप्रणाली को रेखांकित करता है और थार्नडाइक तथा पावलव के सिद्धांतों से किस प्रकार तात्विक रूप से भिन्न है?
→
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव का 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) व्यवहारवादी मनोविज्ञान के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। इन तीनों सिद्धांतों की तात्विक कार्यप्रणाली और उनके उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य पाए जाने वाले वास्तविक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के संयोजनवाद (Connectionism), इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के सिद्धांतों का तुलनात्मक एवं तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों व्यवहारवादी अधिगम सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक और संरचनात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
अधिगम (Learning) के विभिन्न सिद्धांतों—विशेषकर एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद एवं प्रभाव का नियम', इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning), तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning)—के अंतर्निहित क्रियातंत्रों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के बीच के तात्विक अंतर को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं सैद्धांतिक ढांचे का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के मूलभूत अंतर और उनकी कार्यप्रणाली को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.