जीन पियाजे
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,703 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के दौरान बच्चों में पाए जाने वाले 'केन्द्रीकरण' (Centration) और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation) जैसी सीमाओं के संदर्भ में, पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'द्रव्यमान एवं आयतन के संरक्षण' के प्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विकासात्मक विशेषता और बच्चे की तार्किक सीमाओं को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 2 से 7 वर्ष की आयु वाली पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Preoperational Stage) की मुख्य सीमाओं में 'केन्द्रीकरण' (Centration) और 'पलटावी का अभाव' (Irreversibility) शामिल हैं। केन्द्रीकरण के कारण बच्चा एक समय में किसी वस्तु के केवल एक ही पहलू पर ध्यान दे पाता है (जैसे बर्तन की केवल लंबाई या ऊँचाई), जिससे वह संरक्षण (Conservation) की अवधारणा को नहीं समझ पाता। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, पियाजे का यह सिद्धांत बाल मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र में संज्ञानात्मक चरणों को समझने का आधार है।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में संक्रमण के दौरान बालक की चिंतन प्रक्रिया में कौन-सा मुख्य तात्विक एवं संज्ञानात्मक परिवर्तन प्रकट होता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) में पाए जाने वाले 'जीववाद' (Animism) और 'अहंप्राणता' (Egocentrism) की संकल्पनाओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संज्ञानात्मक सीमाओं की वास्तविक तात्विक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में विकसित होने वाले प्रमुख तार्किक संप्रत्ययों—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'वर्गीकरण' (Classification)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था के वास्तविक तात्विक और संज्ञानात्मक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'स्कीमा' (Schema), 'आत्मसाततीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation) और 'संतुलनीकरण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, जब एक बालक अपने पूर्व-ज्ञान या स्कीमा में नई सूचना को बिना किसी परिवर्तन के जोड़ लेता है, परंतु जब नई सूचना पूर्व स्कीमा में फिट नहीं बैठती और वह अपने स्कीमा में संशोधन करता है, तो इन दोनों क्रमिक चरणों को वैज्ञानिक रूप से किस रूप में परिभाषित किया जाएगा?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.