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जीन पियाजे
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,927 times
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले 'संरक्षण' (Conservation) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) के गुणों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संज्ञानात्मक क्षमताओं के मध्य तात्विक और विकासात्मक संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष) बालकों के बौद्धिक विकास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इस अवस्था में बालकों के भीतर तार्किक चिंतन का उदय होता है। विकल्प (b) इस बात को पूर्णतः स्पष्ट करता है कि 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'संरक्षण' (Conservation) एक-दूसरे से गहरे रूप से जुड़े हैं। विकेंद्रीकरण वह मानसिक योग्यता है जिसके द्वारा बच्चा किसी वस्तु या समस्या के केवल एक आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय एक ही समय में उसके कई पहलुओं या आयामों पर एक साथ विचार कर सकता है। जब बच्चे में यह विकेंद्रीकरण की क्षमता विकसित हो जाती है, तभी वह यह समझ पाता है कि किसी बर्तन या पदार्थ का रूप, आकार या स्थान बदलने पर भी उसका द्रव्यमान, भार या आयतन अपरिवर्तित रहता है। पियाजे के अनुसार, विकेंद्रीकरण का यह गुण ही संरक्षण की अवधारणा को समझने की मुख्य आधारशिला बनता है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • विकेंद्रीकरण (Decentration): यह पूर्व संक्रियात्मक अवस्था की 'केंद्रीयकरण' (Centration) की सीमा को पार करने की क्षमता है, जहाँ बच्चा वस्तु के कई पहलुओं को एक साथ देख सकता है।
  • संरक्षण (Conservation): यह समझ कि वस्तु के भौतिक रूप या दिखावट में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा या गुण संरक्षित रहते हैं।
  • विकल्प (a) का विश्लेषण: यह कथन गलत है क्योंकि विकेंद्रीकरण बहु-आयामी चिंतन को बढ़ावा देता है, बाधक नहीं।
  • विकल्प (c) का विश्लेषण: पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में बच्चे केंद्रीयकरण से ग्रसित होते हैं और उनमें संरक्षण का अभाव होता है।
  • विकल्प (d) का विश्लेषण: संरक्षण और विकेंद्रीकरण दोनों परस्पर गहराई से जुड़े हुए हैं, स्वतंत्र नहीं।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत बाल मनोविज्ञान की रीढ़ माना जाता है। इसके तहत बच्चों की मानसिक संरचनाओं (Schemas) और अवस्थाओं का अध्ययन किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए जीन पियाजे का सिद्धांत पढ़ें।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, DSSSB) में पियाजे के संज्ञानात्मक विकास से जुड़े प्रायः प्रायोगिक और वैचारिक प्रश्न पूछे जाते हैं। 'संरक्षण' और 'विकेंद्रीकरण' जैसे शब्द इस बात का प्रतीक हैं कि बच्चा अब केवल दिखावे (Appearance) पर विश्वास नहीं करता, बल्कि तार्किक निष्कर्ष (Logical deduction) तक पहुँचता है। कक्षा कक्ष में शिक्षकों को चाहिए कि वे मूर्त वस्तुओं, ठोस उदाहरणों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में इन क्षमताओं का विकास करें ताकि वे गणितीय और वैज्ञानिक संकल्पनाओं को सहजता से समझ सकें।

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→ जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बालकों द्वारा विकसित किए जाने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक संज्ञानात्मक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के बालकों में पाई जाने वाली मुख्य संज्ञानात्मक सीमा या विशेषता 'विकेंद्रीकरण का अभाव' (Lack of Decentration) और 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) है। इस संदर्भ में, यदि किसी बालक को दो समान आकार के गिलासों से एक समान मात्रा का पानी एक लंबे और सँकरे गिलास में तथा दूसरे चौड़े गिलास में डाला जाए, और वह लंबे गिलास में अधिक पानी होने का दावा करे, तो पियाजे के अनुसार यह घटना किस विशिष्ट संज्ञानात्मक अक्षमता को दर्शाती है? → जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में संक्रमण के दौरान बालक की चिंतन प्रक्रिया में कौन-सा मुख्य तात्विक एवं संज्ञानात्मक परिवर्तन प्रकट होता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बालकों द्वारा महारत हासिल किए जाने वाले मुख्य तार्किक संक्रियात्मक कौशलों—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), 'क्रमीकरण' (Seriation), और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—के संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'व्युत्क्रमणीयता' (Reversibility or Inversion) और 'पारस्परिकता' (Reciprocity) की संकल्पनाओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विकासात्मक चरण की तार्किक संरचना को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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