राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) या मंदबुद्धि बालकों की पहचान, उनके संज्ञानात्मक विकास की सीमाओं और उनके शिक्षण के लिए 'अनुकूलित पाठ्यक्रम' (Adapted Curriculum) तथा 'कार्यात्मक विश्लेषण' (Functional Analysis) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उनकी अधिगम प्रक्रिया और कक्षा-कक्षीय प्रबंधन की तात्विक वास्तविकता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा के अंतर्गत बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) से ग्रसित बालकों के शिक्षण के लिए यह आवश्यक है कि उनकी संज्ञानात्मक सीमाओं—विशेषकर अमूर्त चिंतन और सामान्यीकरण के अभाव—को ध्यान में रखा जाए। उनके लिए विषय-वस्तु को सरल बनाकर, 'अनुकूलित पाठ्यक्रम' (Adapted Curriculum) और मूर्त अधिगम सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। इसके विस्तृत मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक स्वरूप को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा…
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'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) के Salamanca Statement (1994) और भारतीय संदर्भ में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत, 'मुख्यधारा' (Mainstreaming) और 'समावेशन' (Inclusion) के दार्शनिक और व्यावहारिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संदर्भात्मक, दार्शनिक और विधिक प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के मध्य पाए जाने वाले उस घनिष्ठ और पूरक संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो भारतीय स्कूली शिक्षा में बाल-केंद्रित दृष्टिकोण को संस्थागत रूप प्रदान करता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE 2009) के आलोक में, 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की संकल्पनाओं का गहन शिक्षण-शास्त्रीय विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य तात्विक और प्रक्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अध्याय 2 में निहित 'ज्ञान की परिकल्पना और विद्यालय तथा कक्षा-कक्ष का वातावरण' (Knowledge and the Curriculum) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के तहत निर्धारित 'पाठ्यक्रम और मूल्यांकन की प्रक्रिया' के बीच के तात्विक एवं विधिक अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों द्वारा समर्थित बाल-केन्द्रित शिक्षा के दृष्टिकोण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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