समावेशी शिक्षा
Asked 2 months ago · Viewed 19 times
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) के Salamanca Statement (1994) और भारतीय संदर्भ में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत, 'मुख्यधारा' (Mainstreaming) और 'समावेशन' (Inclusion) के दार्शनिक और व्यावहारिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशन (Inclusion) और मुख्यधारा (Mainstreaming) में मुख्य अंतर यह है कि मुख्यधारा में छात्र को मौजूदा सामान्य शिक्षा प्रणाली में फिट होने के लिए खुद को ढालना पड़ता है (यानी 'सिस्टम के अनुकूल छात्र'), जबकि 'समावेशन' एक व्यापक और आधुनिक अवधारणा है जिसमें विद्यालय, पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियाँ और संपूर्ण व्यवस्था बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकताओं और योग्यताओं के अनुरूप खुद को बदलती है (यानी 'छात्र के अनुकूल सिस्टम')। सालामांका स्टेटमेंट (1994) ने इसी समावेशी दृष्टिकोण पर बल दिया है।
अगला प्रश्न →
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, विशेष आवश्यकता वाले…
← पिछला प्रश्न
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और विशिष्ट बालकों…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और 'निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009)' के प्रावधानों के संदर्भ में, एक सामान्य कक्षा-कक्ष में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले (विशेष रूप से अधिगम अक्षमता और संवेदीबाधित) बालकों के समावेशन को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीतिक और शैक्षणिक पहल सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक मानी जाएगी?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के अधिकारों के संदर्भ में, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A, 'निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009)' तथा 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005)' के विधिक एवं दार्शनिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बाल अधिकारों के परिप्रेक्ष्य में 'समग्र शिक्षा अभियान' (Samagra Shiksha Abhiyan) तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, कक्षा-कक्षीय प्रक्रियाओं में 'विशिष्ट बालकों' के समावेशन के लिए कौन-सा शैक्षणिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक मॉडल सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य माना जाता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और 'निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009)' के प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में, गंभीर और बहु-दिव्यांगता (Multiple Disabilities) वाले बच्चों को सामान्य कक्षा-कक्ष में शामिल करने के लिए शिक्षकों द्वारा अपनाई जाने वाली 'विभेदित शिक्षण' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) की रणनीतियों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन पद्धतियों के वास्तविक और वैज्ञानिक उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) तथा एलिज़ाबेथ फेरेल (Elizabeth Farrell) के ऐतिहासिक योगदान और 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005' (NCF 2005) तथा 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act 2009) के अंतर्गत 'समावेशी शिक्षा के मुख्यधारा (Mainstreaming), एकीकरण (Integration) और पूर्ण समावेशन (Full Inclusion)' के दार्शनिक और वैधानिक सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'समावेशी शिक्षा और सार्वभौमिक डिजाइन (Universal Design for Learning - UDL)' के संदर्भ में, डेविड रोज़ (David Rose) और सेंटर फॉर अप्लाइड स्पेशल टेक्नोलॉजी (CAST) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के लिए सार्वभौमिक रूपरेखा' के तीन मुख्य सिद्धांतों—'प्रस्तुति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहुविध साधन' (Multiple Means of Action and Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मान्यता नेटवर्क' (Recognition Networks), 'रणनीतिक नेटवर्क' (Strategic Networks), और 'भावात्मक नेटवर्क' (Affective Networks) की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'अंतःक्रियात्मक जोन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ पाठ्यचर्या निर्माण और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अभिगम्यता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, वर्ष 1994 में आयोजित यूनेस्को (UNESCO) के 'सलामानका स्टेटमेंट और फ्रेमवर्क फॉर एक्शन' (Salamanca Statement and Framework for Action) के मुख्य वैचारिक आधार और दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा मूलभूत सिद्धांत समावेशी शिक्षा की दार्शनिक और व्यावहारिक नींव को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विशिष्ट बालकों' (Exceptional Children) की शिक्षा के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक और मनोवैज्ञानिक रूप से सही है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.