व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत (Trait Theory of Personality) के संदर्भ में, गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित शील गुणों के वर्गीकरण—केंद्रीय शील गुण (Central Traits), cardinal traits (प्रमुख शील गुण), और गौण शील गुण (Secondary Traits)—तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित स्त्रोत शील गुणों (Source Traits) के बीच के तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत (Trait Theory) में गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) और रेमंड कैटल (Raymond Cattell) का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऑलपोर्ट ने व्यक्ति-केंद्रित (Idiographic) उपागम का समर्थन किया, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति अद्वितीय होता है और उसके शील गुणों का अध्ययन व्यक्तिगत संदर्भ में गुणात्मक रूप से किया जाना चाहिए। उन्होंने शील गुणों को कार्डिनल, सेंट्रल और सेकंडरी श्रेणियों में विभाजित किया। इसके विपरीत, रेमंड कैटल ने एक नाम-केंद्रित (Nomothetic) और सांख्यिकीय उपागम अपनाया। उन्होंने 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) पद्धति का उपयोग करके मानव व्यक्तित्व के सार्वभौमिक 'स्त्रोत शील गुणों' (Source Traits) की पहचान की, जो सतह के व्यवहारों के पीछे छिपे होते हैं और व्यक्तित्व की मूल संरचना का निर्माण करते हैं। इस प्रकार, विकल्प (b) दोनों सिद्धांतों की कार्यप्रणाली और पद्धतियों का सबसे सटीक वर्णन करता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- ऑलपोर्ट का उपागम: इडियोग्राफिक (Idiographic) यानी व्यक्तिगत विशिष्टता पर जोर।
- कैटल का उपागम: नामोथेटिक (Nomothetic) यानी सार्वभौमिक नियमों की खोज और कारक विश्लेषण (Factor Analysis) का प्रयोग।
- शील गुणों के प्रकार: ऑलपोर्ट ने कार्डिनल (सर्वप्रमुख), सेंट्रल (केंद्रीय) और सेकंडरी (गौण) शील गुण बताए।
- कैटल के शील गुण: सतही शील गुण (Surface Traits) और स्त्रोत शील गुण (Source Traits) में अंतर स्पष्ट किया।
- गलत विकल्पों का विश्लेषण: विकल्प (a), (c) और (d) तथ्यात्मक रूप से गलत हैं क्योंकि कैटल के स्त्रोत शील गुणों का आनुवंशिक आधार होता है और ऑलपोर्ट का दृष्टिकोण पर्यावरण या उद्दीपक-अनुक्रिया तक सीमित नहीं था।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: व्यक्तित्व विकास के शील गुण उपागम व्यक्ति की स्थाई विशेषताओं को समझने में मदद करते हैं। अधिक जानकारी के लिए व्यक्तित्व विकास और सिद्धांत के अनुभाग का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (CTET, UPTET, KSVS, BPSC) में मनोवैज्ञानिकों के वर्गीकरण और उनके शोध पद्धतियों पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। ऑलपोर्ट का मानना था कि व्यक्ति के गुण समय के साथ बदलते हैं और अद्वितीय होते हैं, जबकि कैटल ने 16PF (Sixteen Personality Factor Questionnaire) के माध्यम से व्यक्तित्व को मापने का प्रयास किया। परीक्षार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ऑलपोर्ट गुणात्मक (Qualitative) विश्लेषण पर बल देते थे और कैटल मात्रात्मक एवं सांख्यिकीय (Quantitative & Statistical) विश्लेषण पर। ऐसे वैचारिक अंतरों को स्पष्ट करने से उच्च-स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्नों को आसानी से हल किया जा सकता है।