वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के मनोवैज्ञानिक संदर्भ में, चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और गैस्टाल्टवादी संप्रत्यय के अनुसार, किसी समस्या के समाधान के अचानक प्रकट होने (Aha! Experience) की मानसिक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से कौन-सा मनोवैज्ञानिक कारक सबसे अधिक प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित और संचालित करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) गैस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) पर आधारित है। गैस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों (कोहलर, कोफ्का और वर्दीमर) का यह दृढ़ मत था कि प्राणी किसी भी समस्या या परिस्थिति को खंड-खंड (यांत्रिक रूप से) नहीं देखता, बल्कि उसे एक संपूर्ण इकाई (Total Situation) के रूप में देखता है। जब चिम्पैंजी 'सुल्तान' ने पिंजरे में रखे डंडों और केलों की बिखरी हुई स्थिति को देखा, तो उसने अचानक अपनी संज्ञानात्मक क्षमता का उपयोग करते हुए उन बिखरे हुए तत्वों को मानसिक रूप से एकीकृत किया और 'क्षेत्र का पुनर्गठन' (Reorganization of the Perceptual Field) किया। इसी संज्ञानात्मक पुनर्गठन के परिणामस्वरुप अचानक समस्या का समाधान सूझ (Insight) के रूप में प्रकट होता है, जिसे 'Aha! Experience' कहा जाता है। अत: विकल्प (a) इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया का सबसे सटीक और प्रत्यक्ष वैज्ञानिक स्पष्टीकरण प्रदान करता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- गैस्टाल्ट संप्रत्यय: 'गैस्टाल्ट' एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ 'समग्र रूप' या 'पूर्ण आकृति' (Configuration/Whole) होता है।
- सूझ की विशेषता: सूझ अचानक (Sudden) होती है, यह यांत्रिक अभ्यास पर निर्भर न होकर संज्ञानात्मक सूझ-बूझ पर आधारित होती है।
- विकल्प (b) का खंडन: यांत्रिक प्रयास और त्रुटि का सिद्धांत थार्नडाइक का है, जबकि कोहलर ने सूझ को इसके विपरीत मानसिक और बौद्धिक प्रक्रिया माना है।
- विकल्प (c) व (d) का खंडन: बाह्य अभिप्रेरणा और तंत्रिका आवेगों की रेखीय आवृत्ति गौण कारक हैं, मुख्य चालक संज्ञानात्मक क्षेत्र का पुनर्गठन है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: अधिगम के गैस्टाल्टवादी सिद्धांतों के अनुसार, सीखना केवल उद्दीपक-अनुक्रिया का संबंध नहीं है, बल्कि यह अंतर्दृष्टि और मानसिक पुनर्गठन की प्रक्रिया है। अधिक जानकारी के लिए अधिगम के सिद्धांत और गैस्टाल्ट मनोविज्ञान के अध्यायों का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS) में कोहलर के प्रयोगों से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को यह समझना आवश्यक है कि थार्नडाइक का 'Trial and Error' और कोहलर का 'Insight Learning' एक-दूसरे के पूरक या विपरीत दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। जहाँ थार्नडाइक पशुओं में क्रमिक अंध प्रयासों पर जोर देते हैं, वहीं कोहलर उच्च स्तर के स्तनधारियों (जैसे चिम्पैंजी) में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमताओं, समस्या के संपूर्ण स्वरूप के आकलन और आकस्मिक समाधान की क्षमता को रेखांकित करते हैं। कक्षा शिक्षण में विद्यार्थियों को रटने की बजाय समस्याओं का समग्र विश्लेषण करने और अवधारणात्मक स्पष्टता विकसित करने के लिए प्रेरित करना इसी सिद्धांत का व्यावहारिक अनुप्रयोग है।