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विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)
Asked एक महीने पहले · Viewed 1,654 times
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय संविधान के प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है, जिसके दायरे में विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) भी शामिल हैं।
  2. 2. 'निःशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act 2016) के अनुसार दिव्यांगता के प्रकारों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है, तथा सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में दिव्यांग छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में कम से कम 5% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
  3. 3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 'समग्र शिक्षा' (Samagra Shiksha) अभियान के तहत रिसोर्स रूम, विशेष शिक्षकों की नियुक्ति और 'ग्रुप लर्निंग' पर विशेष बल दिया गया है, ताकि उनका मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण समावेश हो सके।
  4. 4. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में केवल शारीरिक रूप से अक्षम बालकों को प्रवेश देना है, जबकि गंभीर मानसिक अक्षमता वाले बालकों के लिए केवल विशिष्ट (Special) विद्यालयों का होना ही अनिवार्य माना गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21A (86वां संविधान संशोधन, 2002) सभी 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार देता है, जिसमें दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं। 'निःशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act) के तहत दिव्यांगता की श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 किया गया और उच्च शिक्षण संस्थानों में 5% आरक्षण का प्रावधान है। NEP 2020 और समग्र शिक्षा अभियान समावेशी संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की विविध आवश्यकताओं वाले बालकों को सामान्य विद्यालयों में बिना किसी भेदभाव के एक साथ शिक्षा देना है, न कि गंभीर रूप से अक्षम बच्चों को केवल विशिष्ट विद्यालयों तक सीमित रखना।
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→ समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) 'विशेष आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' की स्थापना पर सबसे अधिक बल देती है और सामान्य विद्यालयों में उनकी मुख्यधारा में भागीदारी को हतोत्साहित करती है। 2. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक या भाषाई भिन्नताओं के बावजूद नियमित कक्षा-कक्ष में समान आयु वर्ग के बालकों के साथ गुणवत्तापूर्ण अधिगम के अवसर प्रदान करना है। 3. 'सुगम्य भारत अभियान' (Accessible India Campaign) और भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) देश में दिव्यांगजनों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बाधा-मुक्त वातावरण (Barrier-free environment) और विशेष शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रमुख वैधानिक और प्रशासनिक प्रयास हैं। 4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के तहत निजी विद्यालयों में भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए भी 25% सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, और इसके लिए सामान्य पाठ्यचर्या या शिक्षण विधियों में किसी भी प्रकार के लचीलेपन या अनुकूलन की आवश्यकता नहीं होती है। 2. 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं में अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए बहुविध प्रस्तुतिकरण (Multiple Means of Representation), बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression) और बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement) के प्रावधान पर बल देता है। 3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act 2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) दोनों ही दिव्यांग और सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से वंचित बच्चों की मुख्यधारा की शिक्षा के लिए 'समान अवसर' और 'विशेष सहायता' दोनों की वकालत करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → समावेशी शिक्षा के संदर्भ में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) की शिक्षा के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत 'समावेशी अधिगम परिवेश' (Inclusive Learning Environment) के निर्माण में आने वाली प्रमुख मनोवैज्ञानिक एवं संरचनात्मक बाधाओं तथा उनके निवारण हेतु अपनाई जाने वाली 'विभेदीकृत शिक्षण रणनीतियों' (Differentiated Teaching Strategies) का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस प्रक्रिया के वास्तविक तात्विक और शैक्षणिक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के प्रभावी समावेशन के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) में उल्लिखित प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सी कक्षा-कक्षीय रणनीति 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के मूल दर्शन के सर्वाधिक अनुकूल है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPWD Act, 2016) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' के तहत विकलांगता के प्रकारों को पहले के 7 से बढ़ाकर कुल 21 (इक्कीस) कर दिया गया है, जिसमें तेजाब आक्रमण (Acid Attack) पीड़ितों और थैलेसीमिया जैसी विशिष्ट स्थितियों को भी शामिल किया गया है। 2. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी स्थिति के हों) को एक साथ समान अवसर प्रदान करना है, जिसमें 'नॉर्मलाइजेशन' और 'इंटीग्रेशन' की अवधारणा का पूर्ण विकास होता है। 3. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) समावेशी शिक्षा की वकालत करते हुए 'नो-डिटेंशन पॉलिसी' और लचीले पाठ्यक्रम (Flexible Curriculum) पर जोर देती है, ताकि किसी भी बच्चे को उसकी अक्षमता के कारण शिक्षा से वंचित न किया जाए। 4. समावेशी शिक्षा के अंतर्गत 'विशेष आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए पृथक्करण (Segregation) की नीति को अनिवार्य रूप से अपनाया जाता है ताकि वे सामान्य बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा से बच सकें। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → समावेशी शिक्षा के संदर्भ में 'RPWD Act' (निःशक्तजन अधिकार अधिनियम) किस वर्ष लागू किया गया था? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के शैक्षिक समावेशन के संदर्भ में, जब हम अधिनियमों और संवैधानिक प्रावधानों का सूक्ष्म अध्ययन करते हैं, तो 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के तहत 'निशक्तता' (Disability) के विभिन्न प्रकारों तथा उनके लिए शैक्षणिक संस्थानों में न्यूनतम कितने प्रतिशत आरक्षण और सुगमता (Accessibility) के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है, उसका सही संयोजन पहचानिए? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, 'राष्ट्रीय न्याय अधिनियम, 1999' (National Trust Act, 1999) और 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act, 2016) के वैधानिक प्रावधानों का अध्ययन करने पर, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) के वर्गीकरण और उनके शैक्षिक अधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक और विधिक रूप से सही है?
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