संज्ञानात्मक विकास
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' की अवस्था कौन सी है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर) में बालक में अमूर्त चिंतन और तार्किक रूप से सोचने की क्षमता विकसित हो जाती है।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' (Formal Operational Stage) की अवस्था निम्नलिखित में से किस आयु वर्ग से संबंधित है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' और 'निगमनात्मक तर्क' की क्षमता का विकास किस अवस्था में होता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' (Abstract thinking) किस अवस्था की विशेषता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास एक निरंतर और क्रमिक प्रक्रिया है जो अवस्थाओं (Stages) के माध्यम से आगे बढ़ती है, और मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) में बालक 'संरक्षण' (Conservation) तथा 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता अर्जित कर लेता है।
2. पियाजे के सिद्धांत की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) में किशोरावस्था के दौरान 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive reasoning) और अमूर्त चिंतन की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है।
3. लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) स्तर के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार चरण में व्यक्ति कानून को समाज के कल्याण के लिए परिवर्तनशील और तार्किक मानता है।
4. कोहलवर्ग के अनुसार, नैतिक विकास के सभी चरण सार्वभौमिक और अपरिवर्तनीय क्रम में होते हैं, तथा कोई भी व्यक्ति किसी भी अवस्था को छोड़े बिना समान दिशा में आगे बढ़ता है, भले ही सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कारक गति को प्रभावित कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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