जीन पियाजे
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer)**—जिसे उस प्रारंभिक शैक्षणिक शिक्षण सामग्री या परिचयात्मक विषय-वस्तु के रूप में परिभाषित किया जाता है जो मुख्य पाठ या नई अवधारणाओं को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने उच्च स्तर की अमूर्तता, सामान्यीकरण और व्यापकता के साथ प्रस्तुत की जाती है ताकि यह नए ज्ञान और शिक्षार्थी की संज्ञानात्मक संरचना में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Anchor Ideas) के बीच एक सशक्त मानसिक पुल का निर्माण कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के विकास, अर्थपूर्ण ज्ञान के आत्मसातकरण (Assimilation) और दीर्घकालिक संज्ञानात्मक स्थायित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से, डेविड औसुबेल (David Ausubel) का 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) अत्यधिक महत्वपूर्ण है। औसुबेल के अनुसार, कक्षा-कक्ष में नया ज्ञान देने से पहले 'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer) का प्रयोग करना अत्यंत प्रभावी होता है। यह एक ऐसा शिक्षण उपकरण है जो मुख्य विषय को पढ़ाने से पहले व्यापक और सामान्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाता है। इसका मुख्य मनोवैज्ञानिक उद्देश्य शिक्षार्थी के मस्तिष्क में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Prior Knowledge / Anchoring Ideas) और नई आने वाली सूचनाओं के बीच एक मजबूत वैचारिक सेतु बनाना है, जिससे शिक्षार्थी नई जानकारी को अपनी संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) में आसानी से आत्मसात (Assimilation) कर सके। विकल्प (b) इस अवधारणा के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को पूर्ण रूप से स्पष्ट करता है।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of…
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अपूर्व आत्मकेंद्रितता या अहमकेन्द्रिता' (Egocentrism)**—जिसे उस संज्ञानात्मक अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ बालक पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) में यह असमर्थ होता है कि वह यह समझ सके कि दूसरे व्यक्तियों का दृष्टिकोण, नजरिया या मानसिक परिप्रेक्ष्य उसके अपने दृष्टिकोण से भिन्न हो सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के विकेंद्रीकरण (Decentration), सामाजिक परिप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता (Perspective-taking) और संज्ञानात्मक परिपक्वता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer)**—जिसे उस प्रारंभिक शैक्षणिक सामग्री या वैचारिक ढांचे के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य और नवीन पाठ्यसामग्री को प्रस्तुत करने से ठीक पहले शिक्षार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है ताकि यह उनके पूर्व-ज्ञान और नई जानकारी के बीच एक मजबूत संज्ञानात्मक सेतु का निर्माण कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के सुदृढ़ीकरण, तार्किक अवबोध और अर्थपूर्ण ज्ञान संचयन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण प्रदर्शित करता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बच्चों के विकास की किस अवस्था में प्रकट होता है?
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पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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