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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—विशेष रूप से **'युक्तिकरण या तर्कसंगतीकरण' (Rationalization)**—जिसे उस अचेतन मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी अस्वीकार्य इच्छाओं, विफलताओं, गलतियों या असंतोषजनक व्यवहार को समाज द्वारा स्वीकृत और तार्किक प्रतीत होने वाले झूठे या बनावटी कारणों द्वारा उचित ठहराने का प्रयास करता है (जैसे कि अंगूर खट्टे हैं का उदाहरण)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और रक्षात्मक व्यवहार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, रक्षा तंत्र (Defense Mechanisms) अहंकार (Ego) द्वारा उत्पन्न चिंता (Anxiety) से निपटने के लिए उपयोग किए जाने वाले अचेतन उपाय हैं। 'युक्तिकरण' (Rationalization) वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति अपनी किसी विफलता या अस्वीकार्य व्यवहार के लिए झूठे, किंतु तर्कसंगत लगने वाले बहाने ढूंढ लेता है ताकि आत्म-सम्मान की रक्षा हो सके। शिक्षा मनोविज्ञान के दृष्टिकोण से, यह विद्यार्थियों को तात्कालिक मानसिक संबल तो देता है, परंतु यदि इसका अत्यधिक प्रयोग किया जाए तो छात्र अपनी वास्तविक कमियों को स्वीकार नहीं कर पाते और सुधारात्मक कदम उठाने से वंचित रह जाते हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास में बाधक बनता है। अतः विकल्प (b) इस संकल्पना का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य विश्लेषण है।
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