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विकास के सिद्धांत (Principles)
Asked 4 महीने पहले · Viewed 4,480 times
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वाइगोत्सकी के सीखने और विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा आलम्बन का उदाहरण है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

सही उत्तर: विकल्प A (किसी कार्य को छोटे-छोटे चरणों में तोड़ना और आवश्यकतानुसार अस्थायी सहायता प्रदान करना)

1. प्रस्तावना: लेव वाइगोत्स्की और आलम्बन (Scaffolding) की अवधारणा

रूसी मनोवैज्ञानिक लेव सेमेनोविच वाइगोत्स्की (Lev Semyonovich Vygotsky) ने संज्ञानात्मक विकास के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) का प्रतिपादन किया। उनका मानना था कि अधिगम सामाजिक वातावरण में अधिक सक्षम व्यक्तियों के साथ परस्पर संवाद और सहयोगात्मक अंतःक्रिया का परिणाम है। यद्यपि 'स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding) शब्द को सबसे पहले मनोवैज्ञानिक जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) ने 1976 में औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया था, परंतु यह अवधारणा वाइगोत्स्की के समीपस्थ विकास के क्षेत्र (Zone of Proximal Development - ZPD) के सिद्धांत का केंद्रीय आधार बन गई। हिंदी में स्कैफोल्डिंग को 'आलम्बन', 'पाड़', 'ढाँचा' या 'मचान' कहा जाता है।

2. आलम्बन (Scaffolding) का वास्तविक अर्थ और प्रकृति

आलम्बन से अभिप्राय एक ऐसी अस्थायी शैक्षणिक सहायता (temporary instructional support) से है, जो किसी अधिक जानकार अन्य (More Knowledgeable Other - MKO), जैसे कि अध्यापक, माता-पिता या सक्षम सहपाठी द्वारा शिक्षार्थी को दी जाती है:

  • अस्थायी स्वरूप: यह स्थायी मदद नहीं होती। जैसे ही छात्र में उस कार्य को स्वतंत्र रूप से करने का आत्मविश्वास और कौशल विकसित हो जाता है, वैसे ही यह सहायता धीरे-धीरे घटा ली जाती है (Fading of support)।
  • कार्य का विभाजन: जब कोई जटिल कार्य छात्र के सामने आता है, तो शिक्षक उसे छोटे-छोटे, सुगम और प्रबंधनीय चरणों (manageable chunks) में विभाजित कर देता है ताकि छात्र हतोत्साहित न हो।
  • संकेत और इशारे देना (Prompts and Clues): समस्या का पूरा समाधान सीधे बताने के बजाय बालक को सोचने के लिए आधे-अधूरे संकेत, प्रश्न पूछना या शुरुआती दिशा प्रदान करना आलम्बन का मूल सार है।

3. विकल्प (A) का संदर्भ और व्यावहारिक विश्लेषण

प्रश्नोत्तर में दिया गया विकल्प (A) आलम्बन के आदर्श स्वरूप को प्रदर्शित करता है:

  • चरणबद्ध मार्गदर्शन: किसी जटिल कार्य को छोटे-छोटे भागों में तोड़ना शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक बोझ (cognitive load) को कम करता है।
  • मांग के अनुसार सहयोग: आवश्यकता पड़ने पर सहायता देना और जहां छात्र स्वयं सक्षम हो वहां हस्तक्षेप न करना आलम्बन का मुख्य नियम है।
  • उदाहरण के लिए: यदि एक बच्चा पहेली (puzzle) नहीं जोड़ पा रहा है, तो शिक्षक पूरा पहेली खुद हल नहीं करता, बल्कि एक कोने का टुकड़ा रखकर कहता है- "देखो, इसका रंग नीला है, अब इसके जैसा दूसरा टुकड़ा ढूँढो।" यह बच्चे को स्वतंत्र समाधान की ओर अग्रसर करता है।

4. समीपस्थ विकास का क्षेत्र (ZPD) और MKO से संबंध

सिद्धांत का घटक अर्थ एवं भूमिका कक्षा में उदाहरण
वास्तविक विकास स्तर जो कार्य बालक बिना किसी की सहायता के अकेले कर सकता है। सरल जोड़-घटाव के सवाल स्वयं हल करना।
ZPD (समीपस्थ विकास क्षेत्र) अकेले करने और मार्गदर्शन के साथ करने के बीच का अंतर। इबारती (word problems) सवालों में थोड़ी मदद की आवश्यकता।
आलम्बन (Scaffolding) ZPD के भीतर दी जाने वाली तकनीक, संकेत या ढाँचा। कठिन शब्द का अर्थ बताना, सूत्र की याद दिलाना।

5. अन्य विकल्पों का तार्किक खंडन

  • विकल्प B (ग्रेड या भौतिक पुरस्कार देना): यह बी.एफ. स्किनर के व्यवहारवादी सुदृढ़ीकरण (Behaviorist Reinforcement) का हिस्सा है, वाइगोत्स्की के रचनावादी आलम्बन का नहीं।
  • विकल्प C (बिना किसी संकेत के पूरी तरह अकेले छोड़ना): बिना सहयोग के छोड़ देना ZPD के सिद्धांत का उल्लंघन है; इससे बच्चा कुंठित होकर प्रयास छोड़ सकता है।
  • विकल्प D (शत-प्रतिशत नकल की अपेक्षा करना): यह बंडूरा के अवलोकनात्मक अधिगम या रटंत प्रणाली की ओर ले जाता है, जिससे स्वतंत्र संज्ञानात्मक विकास नहीं होता।

6. अध्यापकों के लिए शैक्षणिक निहितार्थ

CTET और TET परीक्षाओं के दृष्टिकोण से शिक्षकों को यह समझना आवश्यक है कि आलम्बन का उद्देश्य बच्चे को पराधीन बनाना नहीं, बल्कि उसे आत्म-निर्भर और आत्म-नियमित शिक्षार्थी (Self-regulated learner) बनाना है।

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