विकास के सिद्धांत (Principles)
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए, निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक ने यह तर्क दिया कि बच्चों का संज्ञानात्मक विकास मुख्य रूप से उनके नैतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य ग्रहण करने (Perspective-taking) की क्षमता के क्रमिक विकास पर निर्भर करता है, न कि केवल तार्किक संक्रियाओं पर?
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Detailed Explanation
रॉबर्ट सेल्man (Robert Selman) ने सामाजिक-संज्ञानात्मक विकास और 'रोल-टेकिंग' (Perspective-taking / परिप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता) का एक विस्तृत सिद्धांत प्रतिपादित किया। उन्होंने पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत का विस्तार और आलोचना करते हुए यह बताया कि बच्चे विभिन्न आयु चरणों में दूसरों के दृष्टिकोण को समझने और खुद को उनकी स्थिति में रखने की क्षमता का क्रमिक विकास करते हैं, जो बच्चों के सामाजिक और नैतिक विकास की नींव रखता है।
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बाल विकास के परिप्रेक्ष्य में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक…
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विकास का 'निकट-दूर' (Proximodistal) सिद्धांत क्या दर्शाता…
Related Questions
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पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई सूचनाओं को अपने पूर्व-मौजूद स्कीमा (Schema) में फिट करने का प्रयास करता है बिना उसमें कोई बदलाव किए, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' की किस अवस्था में व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन करना समाज में व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक अनुबंध (Social Contract) के प्रति अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए आवश्यक है, भले ही वे नियम व्यक्तिगत हित के विरुद्ध क्यों न हों?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में 'नियोजित विकास का सिद्धांत' (Principle of Predictable Direction) और उसके स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस सिद्धांत के अंतर्गत विकास की दिशा सामान्यतः सिर से पैर की ओर ('मस्तकोधोमुखी' या Cephalocaudal) तथा शरीर के केंद्रीय भाग से दूरस्थ अंगों की ओर ('निकूरस्थ' या Proximodistal) होती है।
2. विकास की दर सभी बालकों में एक समान और रैखिक (Linear) गति से चलती है, अर्थात आयु के हर पड़ाव पर शारीरिक और मानसिक विकास का प्रतिशत बिल्कुल एक जैसा होता है।
3. यद्यपि विकास की गति व्यक्तिगत भिन्नताओं के कारण भिन्न हो सकती है, तथापि विकास के चरण और प्रतिमान (Patterns) दुनिया भर के सभी बच्चों में सार्वभौमिक और पूर्वानुमानित (Predictable) होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बच्चे के विकास का 'मस्तकाधोमुखी' (Cephalocaudal) सिद्धांत क्या कहता है?
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वाइगोत्सकी के सीखने और विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा आलम्बन का उदाहरण है?
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