संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 सप्ताह पहले · Viewed 3,575 times
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतra-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की आंतरिक भावनाओं, प्रेरणाओं, संवेगों, शक्तियों, कमजोरियों, इच्छाओं और मानसिक अवस्थाओं को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और अपने व्यवहार को तदनुसार निर्देशित करने में पूर्ण रूप से समर्थ होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), metacognition (अधिज्ञानात्मक चिंतन) और आत्म-प्रतिबिंबन (Self-Reflection) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत के अनुसार, 'अंतra-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति को अपनी स्वयं की आंतरिक दुनिया, भावनाओं, प्रेरणाओं और मानसिक प्रक्रियाओं को समझने की क्षमता देती है। कक्षा-कक्ष में इस बुद्धि का उपयोग विद्यार्थी को स्व-नियमन (Self-Regulation), अपनी अधिगम शैली का मूल्यांकन करने और अपने संज्ञानात्मक विकास पर विचार (Metacognition) करने में मदद करता है। विकल्प (b) इस संप्रत्यय के मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को पूरी तरह सटीक रूप में परिभाषित करता है, जबकि अन्य विकल्प क्रमशः अंतर-वैयक्तिक (Interpersonal), शारीरिक-गतिक (Bodily-Kinesthetic), और स्थानिक (Spatial) बुद्धिमत्ता से संबंधित हैं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के…
Related Questions
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अनुभूतियों, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और उनके आधार पर अपने जीवन व व्यवहार को निर्देशित व नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंब (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतःवैयक्तिक बुद्धि या इंट्रापर्सनल इंटेलिजेंस' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस आंतरिक मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, इच्छाओं, शक्तियों, सीमाओं और आंतरिक अवस्थाओं को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और तदनुसार अपने व्यवहार को विनियमित व निर्देशित करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), आत्म-प्रतिबिंबन (Self-Reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अवस्थाओं, शक्तियों, कमजोरियों और जीवन के लक्ष्यों को गहराई से समझता है और तदनुसार अपने व्यवहार को विनियमित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), metacognition और व्यक्तिगत प्रभावशीलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही आयाम, पहलू या दृश्य पर ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण या Centration) के बजाय उसके एक से अधिक पहलुओं, आयामों या दृष्टिकोणों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, बहु-परप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता (Perspective-Taking) और संरक्षण (Conservation) की अवधारणा के विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही आयाम (जैसे- लंबाई, चौड़ाई या रंग) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों पर एक साथ विचार करने और मानसिक रूप से संतुलन स्थापित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, संरक्षण (Conservation) की अवधारणा और बहु-परप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम, पहलू या दृश्य पर ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) की अपनी पूर्व प्रवृत्ति से ऊपर उठकर उसके एकाधिक पहलुओं, आयामों और परिप्रेक्ष्यों को एक साथ देखने, समझने और उनका मानसिक समन्वय करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संरक्षण (Conservation), तार्किक विमर्श और बहु-आयामी चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बच्चा किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने की अपनी पूर्ववर्ती संकीर्ण प्रवृत्ति (केन्द्रण या Centration) से ऊपर उठकर, एक ही समय में वस्तु के एकाधिक आयामों या पहलुओं (जैसे ऊँचाई और चौड़ाई दोनों) को एक साथ मानसिक रूप से ग्रहण करने और उनमें समन्वय स्थापित करने में समर्थ होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, गणितीय संक्रियाओं (जैसे आयतन व क्षेत्रफल का संरक्षण) और बहु-परप्रेक्ष्य (Multi-perspective) समस्या समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.