स्मृति एवं विस्मृति
Asked 3 सप्ताह पहले · Viewed 4,547 times
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अग्रगामी संगठनकर्ता' (Advance Organizer)—जिसे उस शैक्षणिक युक्ति या परिचयात्मक शिक्षण सामग्री के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य पाठ या नई जटिल अवधारणाओं को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है ताकि वे अपनी पूर्व-ज्ञान संरचना (Cognitive Structure) का उपयोग करके नए आने वाले ज्ञान को उसके साथ तार्किक रूप से जोड़ सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, दीर्घकालिक स्मरण (Long-term Retention) और तार्किक समावेशी अधिगम (Subsumption) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत में 'अग्रगामी संगठनकर्ता' (Advance Organizer) का केंद्रीय महत्व है। यह शिक्षण सामग्री से पहले प्रस्तुत किए जाने वाले उच्च-स्तरीय, समावेशी अवधारणात्मक खाके होते हैं जो शिक्षार्थी के मौजूदा संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) को सक्रिय करते हैं। यह नए ज्ञान को पुराने ज्ञान के अंतर्गत समाहित करने यानी 'सबसमपशन' (Subsumption) की प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं, जिससे रटने की प्रवृत्ति कम होती है और सार्थक अधिगम (Meaningful Learning) को बढ़ावा मिलता है।
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'बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents), और उत्पादों (Products)' के त्रिविमीय वर्गीकरण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल नेटवर्क' (Frontoparietal Network), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), और 'ऑक्सीपिटोपैरिएटल जंक्शन' (Occipitoparietal Junction) के बीच सूचना प्रसंस्करण, बहु-आयामी संज्ञानात्मक एकीकरण (Multidimensional Cognitive Integration), और मानसिक रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा लुई थर्स्टन (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं' (Primary Mental Abilities) के सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'मल्टी-डाइमेंशनल कॉग्निटिव पेडागोजी' (Multi-Dimensional Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक चिंतन, बहु-परप्रेक्ष्य समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के प्रभावी शिक्षण और समावेशन के लिए 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) तथा 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की रणनीतियों का तात्विक और शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का प्रमुख दर्शन क्या है?
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'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) के Salamanca Statement (1994) और भारतीय संदर्भ में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत, 'मुख्यधारा' (Mainstreaming) और 'समावेशन' (Inclusion) के दार्शनिक और व्यावहारिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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मूक और बधिक शिक्षा तथा संज्ञानात्मक मनोविज्ञान के अंतर्गत जॉर्ज मिलर (George Miller) द्वारा प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'कार्यकारी स्मृति की क्षमता और जादुई संख्या 7±2' (Working Memory Capacity and The Magical Number Seven, Plus or Minus Two)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत मानव मस्तिष्क की अल्पकालिक या कार्यकारी स्मृति (Working Memory) में एक समय में बिना किसी पुनरावृत्ति (Rehearsal) के लगभग 5 से 9 सूचना के टुकड़ों (Chunks) को ही सक्रिय रूप से बनाए रखने और संसाधित करने की सीमित क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक भार (Cognitive Load), पाठ्यचर्या के संगठन और सूचना प्रसंस्करण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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उत्तर प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. शाकंभरी देवी मेला - सहारनपुर जिला (प्रतिवर्ष माँ शाकंभरी देवी के मंदिर में आयोजित, जहाँ उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के श्रद्धालु भी आते हैं)
2. बटेश्वर मेला - आगरा जिला (यमुना नदी के तट पर आयोजित एक प्रसिद्ध पशु मेला, जो ऊँटों और अन्य पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है)
3. हरिदास जयंती मेला - मथुरा जिला (निधिवन, वृंदावन में संगीत सम्राट स्वामी हरिदास की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित ध्रुपद गायन और शास्त्रीय संगीत का प्रसिद्ध उत्सव)
4. सैयद सलार मसूद गाजी का मेला - बहराइच जिला (यह मेला हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की साझा संस्कृति का प्रतीक है, जिसे 'बहराइच का मेला' भी कहा जाता है)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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