रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'संप्रत्यय अधिगम' (Concept Learning)—जिसे उस संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी विभिन्न वस्तुओं, घटनाओं या उद्दीपकों के विशिष्ट और अमूर्त गुणों के आधार पर उनके सामान्य वर्गों (General Classes) या श्रेणियों की पहचान करता है तथा उनके बीच अंतर करना सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वर्गीकरण कौशल, अमूर्त चिंतन और तार्किक श्रेणीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द कंडीशंस ऑफ लर्निंग' (The Conditions of Learning) में अधिगम के आठ पदानुक्रमित प्रकार (Hierarchical Types of Learning) प्रतिपादित किए हैं, जो सरल से जटिल की ओर अग्रसर होते हैं। इनमें 'संप्रत्यय अधिगम' (Concept Learning) एक केंद्रीय संज्ञानात्मक स्तर है। संप्रत्यय अधिगम वह प्रक्रिया है जिसमें शिक्षार्थी विशिष्ट उद्दीपकों, वस्तुओं या घटनाओं के सामान्य और अमूर्त गुणों के आधार पर उनका वर्गीकरण करना, सामान्यीकरण (Generalization) करना तथा विभिन्न श्रेणियों के मध्य स्पष्ट विभेद (Discrimination) करना सीखता है। यह अधिगम केवल बाह्य उद्दीपक-अनुक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं, स्कीमा निर्माण और अमूर्त चिंतन से जुड़ा हुआ है। गैग्ने के पदानुक्रम में यह श्रृंखला अधिगम (Chaining) और विभेदक अधिगम (Discrimination Learning) के तुरंत बाद आता है और आगे चलकर 'नियम अधिगम' (Rule Learning) तथा 'समस्या समाधान' (Problem Solving) जैसे उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कार्यों का आधार बनता है। अतः विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- गैग्ने का अधिगम पदानुक्रम संकेत अधिगम (Signal Learning) से शुरू होकर समस्या समाधान (Problem Solving) पर समाप्त होता है।
- संप्रत्यय अधिगम में विद्यार्थी अमूर्त विशेषताओं और गुणों के आधार पर मानसिक श्रेणियां (Categories) बनाना सीखते हैं।
- विकल्प (a) गलत है क्योंकि संप्रत्यय अधिगम केवल सरल S-R साहचर्य नहीं बल्कि उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रकिया है।
- विकल्प (b) भ्रामक है क्योंकि यह मानसिक स्कीमा और अमूर्त गुणों की भूमिका को नकारता है।
- विकल्प (d) पूर्णतः असत्य है क्योंकि संप्रत्यय विकास में पर्यावरणीय अनुभव, भाषा और औपचारिक शिक्षण की महती भूमिका होती है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: रॉबर्ट गैग्ने का अधिगम का अनुक्रमिक सिद्धांत संज्ञानात्मक मनोविज्ञान और व्यवहारवाद का एक अनूठा समन्वय प्रस्तुत करता है, जहाँ अधिगम को क्रमिक चरणों में विभाजित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और अधिगम के सिद्धांत का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (CTET, UPTET, STET) और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (BPSC TRE) में रॉबर्ट गैग्ने के अधिगम के पदानुक्रम से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। प्रश्न पत्र में अक्सर गैग्ने के 8 स्तरों के क्रम या उनके विशिष्ट लक्षणों पर आधारित विश्लेषणात्मक प्रश्न होते हैं। 'संप्रत्यय अधिगम' विद्यार्थियों में तार्किक सोच, वर्गीकरण कौशल (Classification Skills) और वैचारिक स्पष्टता विकसित करने के लिए एक आवश्यक शिक्षण चरण है। एक प्रभावी कक्षा-कक्ष शिक्षण रणनीति के तहत, शिक्षक को विद्यार्थियों को मूर्त अनुभवों से अमूर्त संप्रत्ययों की ओर ले जाना चाहिए, जिससे वे विभिन्न वस्तुओं और घटनाओं के बीच समानता और असमानता को पहचान सकें। यह उच्च-स्तरीय नियम अधिगम और जटिल समस्या-समाधान के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।