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क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 3 सप्ताह पहले · Viewed 1,921 times
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'शेपिंग या आकार देना' (Shaping)—जिसे उस渐进 (क्रमिक) सन्निकटन विधि (Method of Successive Approximations) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल, नवीन या अस्वाभाविक वांछित व्यवहार को सीधे एक बार में उत्पन्न करने के बजाय, उस अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले छोटे-छोटे क्रमिक चरणों और हर सही छोटी अनुक्रिया पर लगातार सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement) देकर धीरे-धीरे उस जटिल व्यवहार को अंतिम रूप से आकार दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशल विकास, उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) और क्रमिक व्यवहार परिवर्तन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के पाठ्यक्रम के अनुसार, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत में 'शेपिंग' (Shaping या आकार देना) एक विशिष्ट विधि है जिसे 'संवर्धित सन्निकटन का सिद्धांत' (Method of Successive Approximations) भी कहा जाता है। जब कोई शिक्षार्थी या बच्चा किसी अत्यंत जटिल, नए या अनुपस्थित व्यवहार को सीखने में असमर्थ होता है, तो शिक्षक या मनोवैज्ञानिक एक बार में पूरा परिणाम मांगने के बजाय, उस लक्ष्य की दिशा में उठाए गए छोटे-छोटे शुरुआती कदमों या क्रमिक सन्निकट व्यवहारों को पहचानकर उन्हें तुरंत सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement) प्रदान करता है। जैसे-जैसे बच्चा आगे बढ़ता है, पुनर्बलन के मानदंड को कड़ा किया जाता है, जब तक कि वह अंतिम और जटिल वांछित व्यवहार को पूरी तरह नहीं सीख जाता। यह तकनीक कक्षा-कक्षीय शिक्षण, विशेष बच्चों (Special Needs Children) के शिक्षण और उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) में अत्यधिक उपयोगी और वैज्ञानिक रूप से मान्य है। अतः विकल्प (b) इस संकल्पना का सबसे सटीक और प्रामाणिक मनोवैज्ञानिक स्पष्टीकरण प्रदान करता है।

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Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्किटिंग शेड्यूल्स या आंशिक पुनर्बलन अनुसूची' (Partial/Intermittent Reinforcement Schedule)—जिसे उस अधिगम प्रबंधन तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी वांछित व्यवहार या अनुक्रिया को हर बार सही होने पर पुनर्बलित करने के बजाय केवल कुछ चुनिंदा या अनिश्चित प्रयासों पर ही पुनर्बलन प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अधिगम स्थायित्व, प्रेरणा और विलोपन के प्रतिरोध (Resistance to Extinction) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → बी. एफ. स्किनर (B. F. 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Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'शेपिंग या आकृतीकरण' (Shaping)—जिसे उस क्रमिक सन्निकटन (Successive Approximation) की तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल या नए वांछित व्यवहार को सीधे एक बार में सीखने के बजाय, उस अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले छोटे-छोटे चरणों और क्रमिक व्यवहारों को सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) प्रदान करके धीरे-धीरे ढाला जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, व्यवहार संशोधन और अनुदेशनात्मक रूपरेखा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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