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कार्बनिक रसायन और ईंधन की विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ है, और इनमें कार्बन परमाणु $sp^3$ संकरित होते हैं, जबकि एल्कीन्स (Alkenes) में द्वि-बंध वाले कार्बन परमाणु $sp^2$ संकरित होते हैं।
- 2. पेट्रोल की गुणवत्ता को मापने के लिए 'ऑक्टेन संख्या' (Octane number) का उपयोग किया जाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन इंजन में कम 'नॉक' (Knocking) उत्पन्न करता है और इसके मानक के रूप में आइसोपेंटेन का उपयोग किया जाता है।
- 3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसमें गैस रिसाव का पता लगाने के लिए एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) नामक गंधयुक्त यौगिक मिलाया जाता है।
- 4. फिशर-ट्रोप्स प्रक्रिया (Fischer-Tropsch process) द्वारा जल गैस (Water gas - $CO + H_2$) के उत्प्रेरकी hydrogenation से कृत्रिम तरल हाइड्रोकार्बन (सिंथेटिक ईंधन) का निर्माण किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि एल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें $sp^3$ संकरण होता है और एल्कीन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें $sp^2$ संकरण पाया जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि ऑक्टेन रेटिंग के मानक के रूप में 'आइसोऑक्टेन' (2,2,4-ट्राइमेथिलपेंटेन) का उपयोग किया जाता है, न कि आइसोपेंटेन का। कथन 3 सही है; एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण है तथा सुरक्षा के लिए इसमें विकिपीडिया संदर्भ (एथिल मर्कैप्टेन) मिलाया जाता है। कथन 4 भी सही है, क्योंकि फिशर-ट्रोप्स विधि से कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन के मिश्रण से तरल हाइड्रोकार्बन बनाए जाते हैं।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के चक्रों और पादप…
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के विभिन्न चक्रों और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) प्रथम ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर बीजाणुद्भिद् (Sporophyte) होता है, जो स्वतंत्र रूप से जीवित रहता है और इसका युग्मकोद्भिद् (Prothallus) अल्पજીवी किंतु स्वतंत्र होता है।
2. C3 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर काफी अधिक होती है क्योंकि 'रुबिस्को' (RuBisCO) एंजाइम की कार्बन डाइऑक्साइड के साथ-साथ ऑक्सीजन के प्रति भी उच्च आबंधुता (Affinity) होती है, जिससे यह राइबुलोस 1,5-बिफॉस्फेट का कार्बोक्सिलेशन करने के बजाय ऑक्सीजनेशन कर देता है।
3. एथिलीन (Ethylene) एकमात्र ऐसा गैसीय पादप हार्मोन है जो फलों के पकने को प्रेरित करता है, फूलों में नर पुष्पों की तुलना में मादा पुष्पों की संख्या बढ़ाता है, और यह द्विबीजपत्री पौधों में प्रसुप्तता (Dormancy) को तोड़ने तथा एपिकल डोमिनेंस को बढ़ावा देने का मुख्य कार्य करता है।
4. प्रकाश संश्लेषण के प्रदीप्त अभिक्रिया (Light Reaction) के दौरान चक्रीय फोटोफॉस्फोरिलीकरण (Cyclic Photophosphorylation) में केवल फोटोसिस्टम I (PS I) भाग लेता है, जिसमें जल के प्रकाश अपघटन (Photolysis) की आवश्यकता नहीं होती और इसमें NADPH के साथ-साथ ATP का भी निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण और उनके रोगजनकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'क्षय रोग' (Tuberculosis) मुख्य रूप से माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium tuberculosis) जीवाणु के संक्रमण से होता है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है और इसके निदान के लिए 'मंटौक्स परीक्षण' (Mantoux test) तथा रोकथाम के लिए 'बीसीजी' (BCG) का टीका लगाया जाता है。
2. 'काली खांसी' (Whooping cough) बोरडेटा परट्यूसिस (Bordetella pertussis) नामक जीवाणु जनित एक अत्यंत संक्रामक श्वसन रोग है, जो ऊपरी श्वसन नली को प्रभावित करता है और इसके जीवाणु द्वारा स्रावित होने वाले एक्सोटॉक्सिन के कारण गंभीर खांसी के दौरे आते हैं।
3. 'पोलियोमाइलाइटिस' (Poliomyelitis) एक तीव्र वायरल संक्रमण है जो एंटरोवाइरस (पोलियोवायरस) के कारण होता है, और यह आंत के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र विशेषकर मेरुरज्जु की मोटर न्यूरॉन्स को नष्ट कर देता है, जिससे पक्षाघात (Paralysis) हो सकता है।
4. 'अमीबायसिस' (Amebiasis) या अमीबी पेचिश का मुख्य कारण एंटाअमीबा जिंजीवालिस (Entamoeba gingivalis) नामक कवक है, जो दूषित जल और भोजन के सेवन से फैलता है और यह बड़ी आंत की दीवार को संक्रमित कर खूनी दस्त का कारण बनता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यमों तथा उनके उपचार या बचाव के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) रोग का कारण 'क्लॉस्ट्रेडियम टिटानी' (Clostridium tetani) नामक जीवाणु द्वारा स्रावित एक अत्यंत शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन (टेटैनोस्पैस्मिन) है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इसके उपचार या रोकथाम के लिए 'डीपीटी' (DPT) टीका लगाया जाता है।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणुजनित घातक बीमारी है जो मुख्य रूप से लाइساवाइरस (Lyssavirus) के संक्रमण से होती है, और इसके विषाणु लार के माध्यम से तंत्रिका तंतुओं के सहारे मस्तिष्क तक पहुँचते हैं, जिसके लिए लुई पाश्चर द्वारा विकसित 'निष्क्रियकृत एंटी-रेबीज टीका' का उपयोग किया जाता है।
3. 'मलेरिया' रोग प्लाज्मोडियम फाल्ciparum द्वारा होता है, जिसके जीवन चक्र का लैंगिक चरण मादा एनोफेलीज मच्छर की आंत में पूरा होता है, जबकि इसका प्राथमिक संक्रामक रूप 'स्पोरोज़ोइट' (Sporozoite) मानव यकृत कोशिकाओं में संक्रमण फैलाता है।
4. 'एड्स' (AIDS) एक रिट्रोवाइरस (HIV) जनित संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से शरीर की विशिष्ट प्रतिरक्षा कोशिकाओं यानी 'सीडी4' (CD4+) हेल्पर टी-लिम्फोसाइट्स को नष्ट करता है, और इसके निदान के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' तथा प्रारंभिक संसूचन के लिए 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार अवधारणाओं (Acid-Base Concepts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis Acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं (इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही), जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म दान करते हैं।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी (Bronsted-Lowry) संकल्पना के अनुसार, जल एक उभयधर्मी (Amphoteric) विलायक के रूप में कार्य करता है जो अम्ल और क्षार दोनों प्रकार की भूमिका निभा सकता है।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल (Weak Acid) के सोडियम लवण को उसी दुर्बल अम्ल के साथ मिलाया जाता है, तो यह मिश्रण एक बफर विलयन (Buffer Solution) बनाता है, जिसका pH मान केवल अम्ल की सांद्रता पर निर्भर करता है और लवण की सांद्रता से अप्रभावित रहता है।
4. संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) में एक प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार हमेशा एक दुर्बल क्षार होता है, और इसके विपरीत नियम भी सत्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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