General Science
Asked 4 hours ago · Viewed 0 times
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (Erythroblastosis Fetalis) की समस्या तब उत्पन्न होती है जब Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक पिता की द्वितीय या उसके बाद की संतान Rh-धनात्मक होती है, क्योंकि प्रथम गर्भावस्था के दौरान माँ के शरीर में बने Rh एंटीबॉडीज भ्रूण की लाल रक्त कणिकाओं को नष्ट करने लगते हैं।
- 2. रुधिर स्कंदन (Blood Coagulation) की प्रक्रिया में, प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए थ्रोम्बोप्लास्टिन और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति अनिवार्य होती है, तथा फाइब्रिनोजेन एक अघुलनशील प्रोटीन है जो सीधे रक्त का थक्का जमाता है बिना किसी एंजाइमी रूपांतरण के।
- 3. रुधिर वर्ग 'AB' वाले व्यक्तियों की प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (Agglutinins) अनुपस्थित होते हैं, जिसके कारण ये किसी भी वर्ग से रक्त प्राप्त कर सकते हैं और इन्हें 'सर्वग्राही' (Universal Recipient) कहा जाता है।
- 4. मानव हृदय का पेसमेकर साइनोएट्रियल नोड (SAN) कहलाता है, जो दाहिने आलिंद के ऊपरी दाहिने कोने पर स्थित होता है और यह स्वतः उत्तेजना उत्पन्न करने की क्षमता रखता है, जिससे हृदय की संकुचन तरंगें प्रारंभ होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (गर्भक्ता रक्ताणुकोरकता) Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक पिता की स्थिति में होता है जहाँ प्रथम संतान के जन्म के समय माता के रक्त में Rh एंटीबॉडी विकसित हो जाते हैं जो अगली संतानों को प्रभावित करते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि फाइब्रिनोजेन एक घुलनशील प्लाज्मा प्रोटीन है, जिसे थ्रोम्बिन एंजाइम द्वारा अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में बदला जाता है जो थक्का बनाते हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, कथन 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं; 'AB' रक्त समूह में कोई एंटीबॉडी नहीं होती जिससे यह सर्वग्राही बनता है और SAN नोड हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर है।
अगला प्रश्न →
मानव शरीर के पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित…
← पिछला प्रश्न
मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों के संदर्भ में…
Related Questions
→
आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या में सामान्यतः कमी आती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि होती है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) के मामले में वान डर वाल्स त्रिज्या (van der Waals radius) का मान अधिक होने के कारण उनका आकार उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की तुलना में अचानक बढ़ जाता है।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूह में फ्लोरिन का सबसे अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरिन का आकार बहुत छोटा होने के कारण आने वाला इलेक्ट्रॉन अंतra-इलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षणात्मक बलों को आसानी से सहन कर लेता है।
3. आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) का मान एक ही आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर सामान्यतः बढ़ता है, किंतु द्वितीय आवर्त में बोरॉन (B) की आयनन एन्थैल्पी बेरिलियम (Be) से कम होती है, जिसका कारण बेरिलियम के 2s कक्षक का पूर्णतः भरा होना है।
4. किसी तत्व की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) एक आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर घटती है और वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर बढ़ती है, जो रासायनिक बंध में साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को आकर्षित करने की क्षमता को दर्शाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव अंतःस्रावी तंत्र और हॉर्मोनों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पीयूष ग्रंथि का अग्र भाग (Adenohypophysis) 'सोमाटोट्रोपिन' (Growth Hormone) का स्राव करता है, जिसकी कमी से बच्चों में 'बौनापन' (Dwarfism) और अतिस्राव से 'अकायता' (Acromegaly) जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
2. एड्रेनल ग्रंथि का मज्जा (Adrenal Medulla) भाग 'एपिनिफ्रिन' और 'नॉरएपिनिफ्रिन' हॉर्मोनों का स्राव करता है, जिन्हें 'आपातकालीन हॉर्मोन' या 'लड़ो या भागो' हॉर्मोन भी कहा जाता है, जो सहानुभूति तंत्रिका तंत्र के प्रभावों के पूरक होते हैं।
3. पैराथायरॉयड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, जो अस्थियों से कैल्शियम के अवशोषण को प्रेरित करके हाइपरकैल्सीमिया की स्थिति उत्पन्न करता है।
4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) और नींद-जागने के चक्र को नियमित करने के साथ-साथ रजोनिवृत्ति (Menopause) को सीधे तौर पर रोकने का मुख्य कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार तथा लवणों के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपसहसंयोजक बंध (Coordinate Bond) एक विशेष प्रकार का सहसंयोजक बंध है जिसमें साझा किए जाने वाले इलेक्ट्रॉन युग्म का योगदान दोनों परमाणुओं द्वारा समान रूप से होता है, और इसे तीर के निशान ($(\rightarrow)$) द्वारा दर्शाया जाता है।
2. लुईस संकल्पना के अनुसार, वे रासायनिक स्पीशीज जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखती हैं, लुईस अम्ल कहलाती हैं (जैसे $BF_3$, $AlCl_3$ और धातुायन), जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म दान करते हैं।
3. दुर्बल अम्ल (जैसे एसिटिक अम्ल) और प्रबल क्षार (जैसे सोडियम हाइड्रोक्साइड) के उदासीनीकरण से बने लवण का जलीय विलयन जल-अपघटन के कारण क्षारीय प्रकृति प्रदर्शित करता है, जिससे विलयन का pH मान 7 से अधिक हो जाता है।
4. आर्हेनियस सिद्धांत के अनुसार, अम्ल वे पदार्थ हैं जो जलीय विलयन में विघटित होकर हाइड्रोजन आयन या हाइड्रोनियम आयन ($H_3O^+$) उत्पन्न करते हैं, तथा यह सिद्धांत जलीय माध्यम के साथ-साथ गैसीय अवस्था और अजलीय विलायकों पर भी पूर्णतः लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये स्थल पर जीवित रह सकते हैं, किंतु इन्हें लैंगिक जनन के लिए जल की अनिवार्य आवश्यकता होती है, और इनका मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद (Gametophyte) होता है।
2. प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्रकाश अभिक्रिया (Light Reaction) हरित लवक के स्ट्रोमा (Stroma) में संपन्न होती है, जिसमें एटीपी (ATP) और एनएडीपीएच (NADPH) का निर्माण होता है, जिनका उपयोग बाद में अंधकार अभिक्रिया के लिए किया जाता है।
3. जिब्रेलिन (Gibberellin) पादप हार्मोन आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में तने की लंबाई में अत्यधिक वृद्धि (Internode elongation) को प्रेरित करता है तथा बीजों की प्रसुप्ति (Dormancy) को तोड़कर अंकुरण को बढ़ावा देता है।
4. C4 पादप उच्च तापमान और तीव्र प्रकाश तीव्रता में C3 पादपों की तुलना में अधिक कुशल होते हैं क्योंकि उनमें क्रेंज शारीरिक संरचना (Kranz anatomy) पाई जाती है, जिसके कारण उनमें प्रकाश श्वसन (Photorespiration) नगण्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.