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नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) और नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fusion) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सूर्य और अन्य तारों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन है, जिसमें अत्यधिक उच्च ताप और दाब पर हल्के नाभिक मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं, और इस प्रक्रिया में द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
  2. 2. यूरेनियम-235 ($^{235}U$) के नाभिकीय विखंडन की श्रृंखला अभिक्रिया (Chain Reaction) को नियंत्रित करने के लिए भारी जल ($D_2O$) या ग्रेफाइट का उपयोग नियंत्रक छड़ों (Control Rods) के रूप में किया जाता है, जो न्यूट्रॉनों की गति को मंद करते हैं।
  3. 3. परमाणु बम (Atomic Bomb) अनियंत्रित नाभिकीय विखंडन सिद्धांत पर कार्य करता है, जबकि हाइड्रोजन बम (Hydrogen Bomb) अनियंत्रित नाभिकीय संलयन पर आधारित होता है जिसके लिए उच्च प्रारंभिक तापमान की आवश्यकता होती है।
  4. 4. बंधन ऊर्जा प्रति न्यूक्लियन (Binding Energy per Nucleon) का मान जितना अधिक होता है, नाभिक उतना ही अधिक स्थायी होता है, और आवर्त सारणी में लोहे ($^{56}Fe$) के आसपास के नाभिकों की बंधन ऊर्जा प्रति न्यूक्लियन अधिकतम होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि सूर्य और तारों की ऊर्जा का स्रोत नाभिकीय संलयन है, जहाँ हाइड्रोजन के नाभिक मिलकर हीलियम बनाते हैं और द्रव्यमान क्षति आइंस्टीन के समीकरण ($E=mc^2$) के अनुसार ऊर्जा में बदलती है। कथन 2 गलत है क्योंकि भारी जल ($D_2O$) और ग्रेफाइट का उपयोग न्यूट्रॉनों की गति को धीमा करने के लिए 'मंदक' (Moderator) के रूप में किया जाता है, जबकि नियंत्रक छड़ों के रूप में कैडमियम या बोरॉन का उपयोग किया जाता है जो न्यूट्रॉनों को अवशोषित करती हैं। कथन 3 सही है; परमाणु बम अनियंत्रित विखंडन और हाइड्रोजन बम अनियंत्रित संलयन पर आधारित होता है। कथन 4 सही है क्योंकि $^{56}Fe$ (लोहा) के नाभिक की बंधन ऊर्जा प्रति न्यूक्लियन अधिकतम होने के कारण यह सर्वाधिक स्थायी नाभिकों में से एक है।
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