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General Science
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मानव शरीर के परिसंचरण और श्वसन तंत्र की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मानव हृदय चक्र के दौरान, जब निलय सिस्टोल (Ventricular Systole) समाप्त होता है और निलय डायस्टोल (Ventricular Diastole) शुरू होता है, तो महाधमनी (Aorta) और फुफ्फुसीय धमनी के अर्धचंद्रकार कपाट (Semilunar valves) बंद हो जाते हैं, जिससे हृदय की दूसरी ध्वनि 'डब' (Dub) उत्पन्न होती है।
  2. 2. कूपिकाओं (Alveoli) और ऊतकों के बीच ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का विनिमय केवल सक्रिय परिवहन (Active transport) प्रक्रिया द्वारा होता है, जिसमें एटीपी (ATP) ऊर्जा का प्रत्यक्ष उपयोग होता है।
  3. 3. जब कोई व्यक्ति समुद्र तल से अत्यधिक ऊँचाई (High Altitude) पर जाता है, तो वहाँ वायुमंडलीय दाब कम होने के कारण रक्त में ऑक्सीजन की संतृप्ति कम हो जाती है, जिसे पूरा करने के लिए वृक्क 'एरिथ्रोपॉएटीन' (Erythropoietin) हार्मोन का स्रावण बढ़ा देते हैं जो आरबीसी (RBC) के उत्पादन को प्रेरित करता है।
  4. 4. फुफ्फुसीय शिरा (Pulmonary Vein) शरीर की एकमात्र ऐसी शिरा है जो ऑक्सीजनित (Oxygenated) रक्त का वहन करती है, और यह रक्त को बाएं आलिंद (Left Atrium) में लाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: निलय संकुचन के अंत में जब अर्धचंद्रकार कपाट बंद होते हैं, तो 'डब' ध्वनि उत्पन्न होती है। कथन 2 गलत है क्योंकि कूपिकाओं और ऊतकों के बीच गैसों का आदान-प्रदान (विनिमय) किसी ऊर्जा की खपत के बिना केवल सरल विसरण (Simple Diffusion) प्रक्रिया द्वारा होता है, जो सांद्रता प्रवणता पर आधारित है। कथन 3 सही है; अधिक ऊँचाई पर हाइपॉक्सिया की स्थिति में वृक्क एरिथ्रोपॉएटीन का स्रावण करते हैं जो अस्थिमज्जा में एरिथ्रोपोइएसिस को बढ़ाता है। कथन 4 भी सही है, फुफ्फुसीय शिरा फेफड़ों से शुद्ध रक्त बाएं आलिंद में लाती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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