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मानव अंतःस्रावी तंत्र और विभिन्न हॉर्मोनों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal Cortex) भाग रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन तंत्र के नियंत्रण में मुख्य रूप से 'एल्डोस्टेरोन' मिनरलोकोर्टिकोइड हॉर्मोन का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम आयनों और जल के पुनравशोषण तथा पोटेशियम एवं फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है।
  2. 2. अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) द्वारा स्रावित प्रोलैक्टिन हॉर्मोन का मुख्य कार्य दुग्ध के संश्लेषण को प्रेरित करना है, जबकि दुग्ध का निष्कासन (Milk Ejection) पश्च पीयूष ग्रंथि से स्रावित 'ऑक्सीटोसिन' हॉर्मोन द्वारा संकुचन के माध्यम से नियंत्रित होता है।
  3. 3. अग्नाशय के लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में पाई जाने वाली अल्फा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' का स्रावण करती हैं जो ग्लाइकोजेनोलिसिस को बढ़ावा देता है, जबकि बीटा कोशिकाएँ 'ग्लूकागॉन' का स्रावण करती हैं जो रुधिर में शर्करा के स्तर को कम करता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, थायराइड ग्रंथि से स्रावित कैल्सीटोनिन हॉर्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करने का कार्य करता है, जबकि पैराथायराइड हॉर्मोन (PTH) अस्थि-अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करके रक्त में कैल्सियम आयनों के स्तर को बढ़ाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि एड्रिनल वल्कुट (Adrenal Cortex) से निकलने वाला एल्डोस्टेरोन हॉर्मोन वृक्क की नलिकाओं पर कार्य करके सोडियम और जल के पुनरावशोषण को नियंत्रित करता है। कथन 2 सही है क्योंकि प्रोलैक्टिन दुग्ध उत्पादन (दुग्ध संश्लेषण) के लिए उत्तरदायी है, जबकि ऑक्सीटोसिन दुग्ध के निष्कासन (Ejection) में मदद करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की 'अल्फा कोशिकाएँ' ग्लूकागॉन (जो रक्त शर्करा बढ़ाता है) का स्रावण करती हैं, जबकि 'बीटा कोशिकाएँ' इंसुलिन (जो रक्त शर्करा घटाता है) का स्रावण करती हैं। कथन 4 सही है, थायराइड ग्रंथि की कूपिका कोशिकाओं द्वारा स्रावित कैल्सीटोनिन हाइपोकैल्सेमिक है (कैल्शियम घटाता है), जबकि पैराथायराइड हॉर्मोन (PTH) हाइपरकैल्सेमिक है (कैल्शियम बढ़ाता है)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अंतःस्रावी ग्रंथियां रासायनिक संदेशवाहकों के रूप में हॉर्मोन्स का सीधे रुधिर में स्रावण करती हैं।
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