General Science
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सोडियम धातु अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण केरोसिन (मिट्टी के तेल) के नीचे संग्रहित की जाती है ताकि यह हवा की नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आकर स्वतः प्रज्वलित न हो जाए।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) एक उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड है जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है।
- 3. ग्रेफाइट कार्बन का एक ऐसा अपरूप है जो विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसमें सभी चार संयोजी इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंधों द्वारा दृढ़ता से बंधे होते हैं और कोई भी मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होता है।
- 4. एक्वा रेजिया (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण है, जो सोने और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोल सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: सोडियम और पोटैशियम जैसी क्षार धातुएँ अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होती हैं और हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आते ही तेजी से आग पकड़ लेती हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए केरोसिन में डुबोकर रखा जाता है। कथन 2 सही है: एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) और जिंक ऑक्साइड ($ZnO$) उभयधर्मी ऑक्साइड के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार के अभिकर्मकों के साथ क्रिया करते हैं। कथन 3 गलत है: ग्रेफाइट कार्बन का अपरूप होने के बावजूद विद्युत का सुचालक होता है, क्योंकि इसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है और एक मुक्त इलेक्ट्रॉन संचरण के लिए उपलब्ध रहता है। कथन 4 सही है: एक्वा रेजिया (राजजल) सांद्र $HCl$ और सांद्र $HNO_3$ का 3:1 अनुपात का मिश्रण है जो स्वर्ण और प्लेटिनम जैसी अक्रिय धातुओं को भी गलाने की क्षमता रखता है। विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में अंतःझिल्लिकी तंत्र (Endomembrane system), राइबोसोम की जैव-रासायनिक संरचना और कोशिकांगों के कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतःझिल्लिकी तंत्र के अंतर्गत एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER), गोलगी कॉम्प्रिप्लेक्स, लाइसोसोम और रिक्तिकाएँ (Vacuoles) शामिल हैं, क्योंकि इनके कार्यों का समन्वय होता है, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट और परॉक्सिसोम इस तंत्र का भाग नहीं हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सुकेन्द्रकी कोशिकाओं में पाए जाने वाले 80S राइबोसोम की बड़ी उपइकाई 60S और छोटी उपइकाई 40S होती है, तथा ये राइबोसोम मुख्य रूप से प्रोटीन और r-RNA (राइबोसोमल आरएनए) के बने होते हैं।
3. लाइसोसोम अत्यधिक अम्लीय pH (लगभग 4-5) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम्स (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेटेज) से परिपूर्ण होते हैं, और इस अम्लीय pH को बनाए रखने के लिए इनकी झिल्ली पर हाइड्रोजन आयन ($H^+$) पंप (एटीपी-आस) सक्रिय रहते हैं।
4. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' सिस्टर्ना सिरा (निर्माण सिरा) हमेशा केंद्रक की ओर और 'trans' सिरा (परिपक्व सिरा) प्लाज्मा झिल्ली की ओरमुखित होता है, जहाँ ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) और ग्लाइकोलिपिडेशन की प्रक्रियाएँ संपन्न होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) में हॉर्मोनों के स्रावण, उनकी रासायनिक प्रकृति और उनके फीडबैक नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior Pituitary) द्वारा स्रावित 'थायराइड-उत्तेजक हॉर्मोन' (TSH) का उत्पादन हाइपोथैलेमस से निकलने वाले 'थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (TRH) द्वारा प्रेरित होता है, और रुधिर में थायराइड हॉर्मोनों ($T_3$ और $T_4$) का स्तर बढ़ने पर यह टीएसएच और टीआरएच के स्रावण को संदमित (Inhibit) करता है, जिसे नकारात्मक पुनर्भरण (Negative Feedback) कहा जाता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) मुख्य रूप से कैटेकोलामाइन (एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन) का स्रावण करती है, जो अमीनो एसिड टायरोसिन से उत्पन्न होते हैं और आपातकालीन परिस्थितियों (Fight or Flight response) में ग्लाइकोजेनोलिसिस को बढ़ाते हैं।
3. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में पाई जाने वाली अल्फा ($\alpha$) कोशिकाएँ इंसुलिन का स्रावण करती हैं जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करती हैं, जबकि बीटा ($\beta$) कोशिकाएँ ग्लूकागॉन का स्रावण करती हैं जो हाइपोग्लाइसेमिया की स्थिति उत्पन्न करती हैं।
4. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्सियम ($Ca^{2+}$) आयनों के स्तर को बढ़ाता है, और यह हड्डियों के पुन:अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करने के साथ-साथ वृक्कों द्वारा कैल्सियम के पुनअवशोषण को भी बढ़ावा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में मौजूद मुख्य (पेप्टिक या जाइमोजेन) कोशिकाएँ निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित हो जाता है, जबकि ऑक्जिन्टिक (पाइरीटल) कोशिकाएँ 'कैसल का आंतरिक कारक' स्रावित करती हैं जो क्षुद्रांत में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, मानव श्वसन तंत्र में कूपिकाओं (Alveoli) की आंतरिक सतह पर टाइप-II कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'पल्मोनरी सर्फेक्टेंट' (जो मुख्यतः लेसिथिन जैसे फॉस्फोलिपिड्स का बना होता है) पृष्ठ तनाव को कम करके कूपिकाओं को श्वसन चक्र के दौरान पिचकने (Collapse) से बचाता है।
3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, आलिंद-निलय (AV) वॉल्व (ट्रिकस्पिड और बिकस्पिड वॉल्व) का बंद होना 'लब' (Lub) ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि सेमिलुनेर वॉल्व (अर्धचंद्राकार कपाट) का बंद होना 'डब' (Dub) ध्वनि उत्पन्न करता है।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में माइलिन म्यान (Myelin sheath) का निर्माण करने वाली प्रमुख ग्लियाल (glial) कोशिकाएँ श्वान कोशिकाएँ (Schwann cells) होती हैं, जबकि परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) में यह कार्य ओलिगोडेंड्रोसाइट्स (Oligodendrocytes) करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आयनिक यौगिक (Electrovalent compounds) सामान्यतः ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि उनके आयन क्रिस्टल जालक में स्थिर वैद्युत आकर्षण बलों द्वारा दृढ़ता से बंधे होते हैं, किंतु गलित (Molten) अवस्था या जलीय विलयन में वे विद्युत का चालन करते हैं।
2. लुईस अम्ल (Lewis acids) वे रासायनिक प्रजातियाँ होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण (Electron-pair acceptors) कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म दाता (Electron-pair donors) होते हैं, और इस अवधारणा के अनुसार $BF_3$ एक लुईस अम्ल है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के तहत किसी अम्ल का 'संयुग्मी क्षार' (Conjugated base) उस प्रजाति को कहा जाता है जो अम्ल द्वारा प्रोटॉन ($H^+$) त्यागने के पश्चात शेष बचती है, तथा प्रबल अम्लों के संयुग्मी क्षार अत्यधिक दुर्बल होते हैं।
4. जल-अपघटन (Hydrolysis) के दौरान सोडियम एसीटेट ($CH_3COONa$) जैसे लवण का जलीय विलयन अम्लीय प्रकृति का होता है, क्योंकि इसमें दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के बीच उदासीनीकरण होता है जिससे हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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