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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में अंतःझिल्लिकी तंत्र (Endomembrane system), राइबोसोम की जैव-रासायनिक संरचना और कोशिकांगों के कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अंतःझिल्लिकी तंत्र के अंतर्गत एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER), गोलगी कॉम्प्रिप्लेक्स, लाइसोसोम और रिक्तिकाएँ (Vacuoles) शामिल हैं, क्योंकि इनके कार्यों का समन्वय होता है, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट और परॉक्सिसोम इस तंत्र का भाग नहीं हैं।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सुकेन्द्रकी कोशिकाओं में पाए जाने वाले 80S राइबोसोम की बड़ी उपइकाई 60S और छोटी उपइकाई 40S होती है, तथा ये राइबोसोम मुख्य रूप से प्रोटीन और r-RNA (राइबोसोमल आरएनए) के बने होते हैं।
  3. 3. लाइसोसोम अत्यधिक अम्लीय pH (लगभग 4-5) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम्स (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेटेज) से परिपूर्ण होते हैं, और इस अम्लीय pH को बनाए रखने के लिए इनकी झिल्ली पर हाइड्रोजन आयन ($H^+$) पंप (एटीपी-आस) सक्रिय रहते हैं।
  4. 4. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' सिस्टर्ना सिरा (निर्माण सिरा) हमेशा केंद्रक की ओर और 'trans' सिरा (परिपक्व सिरा) प्लाज्मा झिल्ली की ओरमुखित होता है, जहाँ ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) और ग्लाइकोलिपिडेशन की प्रक्रियाएँ संपन्न होती हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन सुकेन्द्रकी कोशिकाओं (Eukaryotic cells) की सूक्ष्म संरचना और कोशिकांगों की कार्यप्रणाली के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, अंतःझिल्लिकी तंत्र (Endomembrane system) में ER, गॉल्जी बॉडी, लाइसोसोम और रिक्तिकाएँ आती हैं क्योंकि इनके कार्य एक-दूसरे से जुड़े होते हैं; जबकि माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट ऊर्जा रूपांतरण से जुड़े होने के कारण इसमें शामिल नहीं होते। 80S राइबोसोम की उपइकाइयाँ 60S और 40S हैं। लाइसोसोम के भीतर पाचक एंजाइम अम्लीय माध्यम (pH 4-5) में कार्य करते हैं जिसके लिए H+ पंप उत्तरदायी हैं। गॉल्जी बॉडी का 'cis' सिरा संभरण/निर्माण (forming) और 'trans' सिरा परिपक्व (maturing) सिरा कहलाता है जहाँ प्रोटीनों का संशोधन (Glycosylation) होता है।
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