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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) में हॉर्मोनों के स्रावण, उनकी रासायनिक प्रकृति और उनके फीडबैक नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior Pituitary) द्वारा स्रावित 'थायराइड-उत्तेजक हॉर्मोन' (TSH) का उत्पादन हाइपोथैलेमस से निकलने वाले 'थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (TRH) द्वारा प्रेरित होता है, और रुधिर में थायराइड हॉर्मोनों ($T_3$ और $T_4$) का स्तर बढ़ने पर यह टीएसएच और टीआरएच के स्रावण को संदमित (Inhibit) करता है, जिसे नकारात्मक पुनर्भरण (Negative Feedback) कहा जाता है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) मुख्य रूप से कैटेकोलामाइन (एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन) का स्रावण करती है, जो अमीनो एसिड टायरोसिन से उत्पन्न होते हैं और आपातकालीन परिस्थितियों (Fight or Flight response) में ग्लाइकोजेनोलिसिस को बढ़ाते हैं।
- 3. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में पाई जाने वाली अल्फा ($\alpha$) कोशिकाएँ इंसुलिन का स्रावण करती हैं जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करती हैं, जबकि बीटा ($\beta$) कोशिकाएँ ग्लूकागॉन का स्रावण करती हैं जो हाइपोग्लाइसेमिया की स्थिति उत्पन्न करती हैं।
- 4. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्सियम ($Ca^{2+}$) आयनों के स्तर को बढ़ाता है, और यह हड्डियों के पुन:अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करने के साथ-साथ वृक्कों द्वारा कैल्सियम के पुनअवशोषण को भी बढ़ावा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि हाइपोथैलेमस से स्रावित TRH अग्र पीयूष ग्रंथि को TSH स्रावित करने के लिए प्रेरित करता है, और मुक्त हुए $T_3$/$T_4$ हॉर्मोन हाइपोथैलेमस एवं पीयूष ग्रंथि पर नकारात्मक पुनर्भरण (Negative Feedback) डालते हैं। कथन 2 सही है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, अधिवृक्क मज्जा से निकलने वाले कैटेकोलामाइन (एड्रेनालाईन/एपिनेफ्रीन) टायरोसिन व्युत्पन्न होते हैं जो आपातकाल में 'फाइट या फ्लाइट' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं में **अल्फा कोशिकाएँ ग्लूकागॉन** (हाइपरग्लाइसेमिक) और **बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन** (हाइपोग्लाइसेमिक) का स्रावण करती हैं, यहाँ कथन में इनके कार्य और कोशिका प्रकार विपरीत दिए गए हैं। कथन 4 सही है, क्योंकि पैराथर्मोन (PTH) हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्सियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि-अवशोषण और वृक्कीय पुनरावशोषण को बढ़ाता है। अतः विकल्प (a) सही है।
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन-परावर्तन के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की कोई किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) होता है, जिसके लिए आवश्यक शर्त यह है कि प्रकाश किरण सघन से विरल माध्यम में ही जानी चाहिए।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लेंस की क्षमता (Power) उसकी फोकस दूरी के मीटर में व्यक्त व्युत्क्रम के बराबर होती है, और यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो उसकी फोकस दूरी बढ़ जाती है और उत्तल लेंस एक अवतल लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए दर्पण सूत्र $\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$ में यदि वास्तविक वस्तु के लिए आवर्धन ($m$) का मान ऋणात्मक है, तो इसका तात्पर्य यह है कि बनने वाला प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा है, जो हमेशा अवतल दर्पण द्वारा ही बनाया जा सकता है।
4. इंद्रधनुष का निर्माण जल की सूक्ष्म बूंदों द्वारा प्रकाश के वर्ण-विक्षेपण (Dispersion), अपवर्तन और आंतरिक परावर्तन का संयुक्त परिणाम है, जिसमें प्राथमिक इंद्रधनुष में आंतरिक परावर्तन दो बार और द्वितीयक इंद्रधनुष में एक बार होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत गोलीय दर्पणों, लेंसों और प्रकाश के अपवर्तन-परावर्तन के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उत्तल लेंस को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह उत्तल लेंस एक अवतल (अपसारी) लेंस की भाँति व्यवहार करने लगता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जिसके लिए आवश्यक शर्त यह है कि प्रकाश किरण हमेशा सघन माध्यम से विरल माध्यम में ही जानी चाहिए।
3. गोलीय दर्पणों के लिए दर्पण सूत्र $\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$ में यदि वास्तविक वस्तु के लिए रेखीय आवर्धन ($m$) का मान धनात्मक है, तो इसका तात्पर्य यह है कि बनने वाला प्रतिबिंब आभासी और सीधा है, जो केवल उत्तल दर्पण द्वारा ही संभव है।
4. प्राथमिक इंद्रधनुष के निर्माण में जल की सूक्ष्म बूंदों के भीतर प्रकाश किरणों का अपवर्तन, एक बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन और फिर अपवर्तन होता है, जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष में आंतरिक परावर्तन दो बार होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़ी आबादी में अलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं बशर्ते आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लैमार्कवाद का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) था, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी में वंशागत हो जाते हैं, जिसे बाद में वीइस्मैन ने अपने 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Germplasm) द्वारा खंडित कर दिया था।
3. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक का विकास एलेक जेफ़्रीज़ द्वारा किया गया था, जो डीएनए अनुक्रमों में पाए जाने वाले पुनरावृत्ति डीएनए (Repetitive DNA) के अंतर्गत 'सैटेलाइट डीएनए' (विशेषकर VNTRs) बहुरूपता के सिद्धांत पर आधारित है।
4. मेन्डेल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) की सार्वभौमिकता तब बाधित होती है जब दो भिन्न जीन एक ही गुणसूत्र पर अत्यधिक पास स्थित होते हैं, जिसे 'जीन लिंकेज' (Gene linkage) कहा जाता है, जिसके कारण पुनर्संयोजन (Recombination) की आवृत्ति काफी बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम धातु अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण केरोसिन (मिट्टी के तेल) के नीचे संग्रहित की जाती है ताकि यह हवा की नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आकर स्वतः प्रज्वलित न हो जाए।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) एक उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड है जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है।
3. ग्रेफाइट कार्बन का एक ऐसा अपरूप है जो विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसमें सभी चार संयोजी इलेक्ट्रॉन सहसंयोजक बंधों द्वारा दृढ़ता से बंधे होते हैं और कोई भी मुक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध नहीं होता है।
4. एक्वा रेजिया (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण है, जो सोने और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोल सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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