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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अति प्रतिक्रियाशील धातुएं जल के साथ तीव्र ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया करती हैं और हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं, जिसे जल की सतह पर तैरने से रोकने के लिए मिट्टी के तेल (केरोसिन) में संग्रहित किया जाता है।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) एक उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड है, जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है।
  3. 3. सफेद फॉस्फोरस, जो चार फॉस्फोरस परमाणुओं ($P_4$) से बना एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और विषैला अपरूप है, वायु के संपर्क में आते ही स्वतः प्रज्वलित हो जाता है, इसलिए इसे दुर्घटना से बचाने के लिए जल के अंदर संग्रहित किया जाता है।
  4. 4. सिनेबार ($HgS$) मरकरी (पारा) का एक प्रमुख अयस्क है, जिसे वायु की उपस्थिति में भूनने (Roasting) पर सीधे वाष्पशील मरकरी धातु प्राप्त होती है जिसे संघनित करके शुद्ध किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि सोडियम और पोटैशियम जल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं और हल्की होने के कारण वे जल की सतह पर तैरने लगते हैं (जल में डूबते नहीं हैं), न कि उन्हें तैरने से रोकने के लिए केरोसिन में रखा जाता है; उन्हें वायु और नमी के संपर्क से बचाने के लिए केरोसिन में डुबोकर रखा जाता है क्योंकि वे वायु के संपर्क में आते ही स्वतः प्रज्वलित हो जाते हैं। कथन 2 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एल्युमिनियम और जिंक के ऑक्साइड उभयधर्मी प्रकृति के होते हैं। कथन 3 सही है, सफेद फॉस्फोरस बहुत अधिक प्रतिक्रियाशील होता है और वायु में स्वतः आग पकड़ लेता है (प्रज्वलन ताप लगभग 30°C है), इसलिए इसे जल के अंदर रखा जाता है। कथन 4 सही है, सिनेबार ($HgS$) मरकरी का अयस्क है जिसे भूनने पर $HgO$ बनता है जो उच्च ताप पर विघटित होकर मरकरी वाष्प देता है।
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