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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र, रक्त वाहिकाओं की संरचना और हीमोग्लोबिन के परिवहन गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. धमनियां (Arteries) आमतौर पर हृदय से रक्त को दूर शरीर के अंगों तक ले जाती हैं और इनकी दीवारें मोटी तथा अत्यधिक इलास्टिनयुक्त होती हैं ताकि वे उच्च रक्तचाप को सहन कर सकें, जबकि फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) इसका अपवाद है जो डीऑक्सीजनेटेड रक्त ले जाती है।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, केशिकाएं (Capillaries) सबसे पतली रक्त वाहिकाएं होती हैं जिनकी दीवारें केवल एक स्तर की एंडोथेलियल कोशिकाओं से बनी होती हैं, और यहीं से रक्त और ऊतकों के बीच गैसों, पोषक तत्वों तथा अपशिष्ट पदार्थों का विनिमय होता है।
  3. 3. हीमोग्लोबिन अणु एक चतुष्कीय प्रोटीन (Tetrameric protein) है जिसमें चार हीम समूह होते हैं, और एक हीमोग्लोबिन अणु अधिकतम चार ऑक्सीजन अणुओं का परिवहन कर सकता है, जहाँ ऑक्सीजन के साथ इसका संयोजन एक सहकारी प्रक्रिया (Cooperative binding) प्रदर्शित करता है।
  4. 4. मानव शरीर में 'एरिथ्रोसाइट्स' (RBCs) का औसत जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है, जिसके बाद पुराने और क्षतिग्रस्त आरबीसी का मुख्य रूप से प्लीहा (Spleen) में विघटन होता है, जिसे 'आरबीसी का कब्रिस्तान' कहा जाता है, और हीमोग्लोबिन के विघटन से प्राप्त 'बिलीरुबिन' को यकृत द्वारा पित्त के रूप में उत्सर्जित किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन मानव रक्त परिसंचरण तंत्र, रक्त वाहिकाओं, हीमोग्लोबिन और आरबीसी की कार्यप्रणाली के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। धमनियां उच्च दाब पर रक्त ले जाती हैं इसलिए उनकी भित्ति मोटी होती है; केशिकाएं विनिमय का मुख्य स्थल हैं; हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन से बंधुता सहकारी होती है और प्लीहा को आरबीसी का कब्रिस्तान कहा जाता है। अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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