शिक्षण में 'संकेत अधिगम' (Sign Learning) की अवधारणा किसके द्वारा दी गई थी?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
शिक्षण और अधिगम के क्षेत्र में 'संकेत अधिगम' (Sign Learning) की अवधारणा प्रसिद्ध अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एडवर्ड सी. टोलमैन (E.C. Tolman) द्वारा प्रतिपादित की गई थी। टोलमैन का यह सिद्धांत 'पर्पसिव्ह बिहेवियरिज्म' (Purposive Behaviorism) या 'चिह्न-Gestalt अधिगम सिद्धांत' के नाम से भी जाना जाता है। उनके अनुसार, प्राणी केवल उद्दीपक और अनुक्रिया (S-R) के बीच यांत्रिक संबंध नहीं बनाता, बल्कि वह पर्यावरण में मौजूद संकेतों (Signs) या चिह्नों को सीखता है जो किसी लक्ष्य (Goal) तक पहुँचने में मार्गदर्शन करते हैं। इस प्रकार, संकेत अधिगम यह बताता है कि सीखना एक उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है जहाँ शिक्षार्थी अपने संज्ञानात्मक मानचित्र (Cognitive Map) का उपयोग करके संकेतों के माध्यम से अपने गंतव्य या लक्ष्य तक पहुँचता है, जो शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) के पावलवियन संकेतों से अधिक व्यापक और संज्ञानात्मक रूप से संचालित होता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- टोलमैन का संकेत अधिगम सिद्धांत व्यवहारवाद और संज्ञानवाद के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है।
- अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) ने बुद्धि परीक्षण (Intelligence Testing) और मानसिक आयु (Mental Age) की अवधारणा दी थी।
- हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) ने बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) का प्रतिपादन किया।
- स्पीयरमैन (Spearman) ने बुद्धि का द्व-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory of Intelligence) दिया जिसमें 'g' और 's' कारक शामिल हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: एडवर्ड टोलमैन का यह सिद्धांत गेस्टाल्ट मनोविज्ञान से अत्यधिक प्रभावित था और यह अधिगम के क्षेत्र में 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) की अवधारणा को प्रस्तुत करता है। अधिक जानकारी के लिए अधिगम के सिद्धांत और संज्ञानात्मक विकास के विभिन्न आयामों को पढ़ें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS, DSSSB) में अधिगम के विभिन्न मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों और उनके प्रणेताओं से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। 'संकेत अधिगम' को अक्सर पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन से जोड़कर भ्रमित किया जाता है, परंतु टोलमैन के अंतर्गत यह एक उद्देश्यपूर्ण और संज्ञानात्मक अधिगम का रूप है। कक्षा कक्ष शिक्षण में, शिक्षकों को छात्रों को केवल रटने पर जोर देने के बजाय वैचारिक संकेत, मानचित्र और समस्या-समाधान के अवसर देने चाहिए ताकि वे अपने संज्ञानात्मक मानचित्र का ठीक से विकास कर सकें।