मूल प्रवृत्तियों के सिद्धांत के जन्मदाता कौन हैं?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
मूल प्रवृत्तियों के सिद्धांत (Instinct Theory of Motivation) के जन्मदाता प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक विलियम मैक्डूगल (William McDougall) हैं। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'एन इंट्रोडक्शन टू सोशल साइकोलॉजी' (1908) में मानव व्यवहार और अभिप्रेरणा को समझाने के लिए कुल 14 मूल प्रवृत्तियों (Instincts) का प्रतिपादन किया है। मैक्डूगल के अनुसार, मूल प्रवृत्तियां जन्मजात होती हैं और प्रत्येक मूल प्रवृत्ति के साथ एक विशिष्ट संवेग (Emotion) जुड़ा होता है, जो प्राणी को किसी विशेष दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। उदाहरण के लिए, 'पलायन' मूल प्रवृत्ति का संवेग 'भय' है। बाल विकास और शिक्षा मनोविज्ञान में यह सिद्धांत अभिप्रेरणा के जैविक और जन्मजात कारकों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- विलियम मैक्डूगल ने कुल 14 मूल प्रवृत्तियां और उनसे संबंधित 14 संवेग बताए हैं, जो टीईटी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
- थार्नडाइक (Thorndike): इन्हें शिक्षा मनोविज्ञान का जनक माना जाता है और इन्होंने सीखने के मुख्य नियम (तैयारी, अभ्यास, प्रभाव) दिए हैं।
- बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner): इन्होंने क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) और पुनर्बलन का सिद्धांत प्रतिपादित किया है।
- थर्स्टन (Thurstone): इन्होंने बुद्धि का समूह कारक सिद्धांत (Group Factor Theory) दिया है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: अभिप्रेरणा के जैविक दृष्टिकोण के अंतर्गत विलियम मैक्डूगल का मूल प्रवृत्ति सिद्धांत मानव स्वभाव को समझने का आधार स्तंभ है। अधिक जानकारी के लिए अभिप्रेरणा के सिद्धांत और बाल विकास के अध्ययन को पढ़ें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, REET) में अभिप्रेरणा (Motivation) और संवेग (Emotion) से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। मैक्डूगल की मूल प्रवृत्तियाँ बच्चों के आंतरिक व्यवहार, जिज्ञासा, पलायन, और रचनात्मकता को कक्षा कक्षीय अधिगम से जोड़ने में मदद करती हैं। शिक्षकों को यह समझना आवश्यक है कि बच्चों के संवेगात्मक विकास को सकारात्मक दिशा देने के लिए उनकी जन्मजात प्रवृत्तियों को उचित मार्ग दिखाना क्यों जरूरी है। विकल्पों का यह सूक्ष्म विश्लेषण आपको भ्रमित होने से बचाता है और सटीक उत्तर चुनने में सहायता करता है।