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बाल विकास की अवधारणा सभी देखें (644) वृद्धि एवं विकास: अवधारणा और अंतर61 विकास के सिद्धांत (Principles)148 विकास को प्रभावित करने वाले कारक12 वंशानुक्रम एवं वातावरण238 विकास की अवस्थाएँ32 बाल अध्ययन की विधियाँ3 मिश्रित: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र150
विकास के क्षेत्र सभी देखें (969) शारीरिक एवं गामक विकास3 संज्ञानात्मक विकास429 सामाजिक विकास21 संवेगात्मक विकास109 भाषा विकास23 नैतिक एवं चारित्रिक विकास384
विकास के प्रमुख सिद्धांतकार सभी देखें (1928) जीन पियाजे519 लेव वाइगोत्स्की403 लॉरेंस कोहलबर्ग19 एरिक एरिक्सन37 जेरोम ब्रूनर76 अल्बर्ट बंडूरा134 सिगमंड फ्रायड278 मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद406 अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)56
अधिगम (सीखना) सभी देखें (1410) अधिगम: अर्थ, प्रकृति एवं प्रकार21 शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)90 क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)262 थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि191 गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम284 रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत44 अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार266 स्मृति एवं विस्मृति123 ध्यान एवं रुचि5 अभिप्रेरणा एवं प्रेरक97 अधिगम शैलियाँ एवं रणनीतियाँ27
बुद्धि, व्यक्तित्व एवं सृजनशीलता सभी देखें (925) बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत212 गार्डनर: बहुबुद्धि301 संवेगात्मक बुद्धि (EQ)11 बुद्धि परीक्षण (IQ)65 व्यक्तित्व: सिद्धांत एवं प्रकार219 व्यक्तित्व मापन एवं परीक्षण24 सृजनशीलता (Creativity)92 अभिक्षमता, अभिवृत्ति एवं अभिरुचि1
वैयक्तिक भिन्नता एवं समावेशी शिक्षा सभी देखें (712) वैयक्तिक भिन्नताएँ30 समावेशी शिक्षा250 विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)63 अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)315 ADHD, ऑटिज़्म एवं न्यूरो-विकासात्मक स्थितियाँ22 प्रतिभाशाली एवं सृजनशील बालक9 वंचित, पिछड़े एवं लैंगिक समानता23
समायोजन, मानसिक स्वास्थ्य एवं मार्गदर्शन सभी देखें (54) समायोजन एवं रक्षा-युक्तियाँ35 मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव14 समस्यात्मक व्यवहार एवं बाल अपराध1 निर्देशन एवं परामर्श4
बाल अधिकार एवं संरक्षण सभी देखें (44) बाल अधिकार (UNCRC)1 POCSO अधिनियम एवं बाल सुरक्षा0 शिक्षा का अधिकार (RTE Act 2009)33 किशोर न्याय एवं अन्य कानून0 बाल कल्याण योजनाएँ (ICDS, मध्याह्न भोजन आदि)10
प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा सभी देखें (48) ECCE: अवधारणा एवं महत्व1 खेल आधारित एवं गतिविधि आधारित शिक्षा1 मॉन्टेसरी, फ्रोबेल एवं बाल-शिक्षा के प्रणेता10 आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN)3 बच्चों का पोषण एवं स्वास्थ्य33
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया सभी देखें (546) शिक्षण: अर्थ, प्रकृति एवं सिद्धांत3 शिक्षण विधियाँ153 शिक्षण युक्तियाँ, सूत्र एवं तकनीकें5 पाठ योजना एवं इकाई योजना13 शिक्षण अधिगम सामग्री एवं ICT34 कक्षा प्रबंधन एवं अनुशासन5 शिक्षक की भूमिका एवं व्यावसायिक दक्षता92 बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण231 शैक्षिक मनोविज्ञान: अर्थ एवं विधियाँ10
पाठ्यचर्या, नीतियाँ एवं शिक्षा दर्शन सभी देखें (365) राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)242 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 202021 शिक्षा आयोग, समितियाँ एवं नीतियाँ27 शिक्षा की संस्थाएँ (NCERT, NCTE, SCERT, DIET)10 शिक्षा दर्शन एवं शिक्षा चिंतक65
मूल्यांकन एवं मापन सभी देखें (355) मापन, मूल्यांकन एवं परीक्षण: अवधारणा200 सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)49 परीक्षण निर्माण, विश्वसनीयता एवं वैधता5 निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण39 शैक्षिक उद्देश्य एवं ब्लूम का वर्गीकरण20 प्रश्न-पत्र निर्माण एवं प्रश्नों के प्रकार2 शैक्षिक सांख्यिकी (माध्य, माध्यिका, बहुलक)40
भाषा शिक्षण शास्त्र सभी देखें (45) भाषा अर्जन एवं भाषा अधिगम21 भाषा कौशल (LSRW)13 बहुभाषिकता एवं मातृभाषा3 हिंदी शिक्षण5 अंग्रेजी शिक्षण (English Pedagogy)3
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शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 3,944 times
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मनोविज्ञान के व्यवहारवादी सम्प्रदाय के जनक कौन हैं?

Detailed Explanation

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

मनोविज्ञान के व्यवहारवादी सम्प्रदाय (School of Behaviorism) के जनक जॉन बी. वाटसन (John B. Watson) को माना जाता है। वर्ष 1913 में वाटसन ने अपने प्रसिद्ध लेख "Psychology as the Behaviorist Views It" के माध्यम से व्यवहारवाद की नींव रखी थी। उनके अनुसार, मनोविज्ञान को चेतना या मन के अध्ययन के बजाय केवल प्रत्यक्ष और मापने योग्य व्यवहार (Observable Behavior) का अध्ययन करना चाहिए। वाटसन का यह दृष्टिकोण इस मान्यता पर आधारित था कि सभी प्रकार के व्यवहार उद्दीपन और प्रतिक्रिया (Stimulus-Response या S-R) के बीच के संबंध का परिणाम होते हैं और इन्हें पर्यावरणीय कंडीशनिंग के माध्यम से पूरी तरह से नियंत्रित या बदला जा सकता है। यही कारण है कि विकल्प (c) इस प्रश्न के लिए पूर्णतः सही उत्तर है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • वाटसन ने शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) के क्षेत्र में पावलव के कार्यों को आगे बढ़ाया और 'लिटल अल्बर्ट' (Little Albert) का प्रसिद्ध प्रयोग कर यह सिद्ध किया कि भय जैसे संवेग भी सीखे (Conditioned) जा सकते हैं।
  • विकल्प (a) जीन पियाजे 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के लिए जाने जाते हैं।
  • विकल्प (b) स्पीयरमैन ने बुद्धि का 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) प्रतिपादित किया था।
  • विकल्प (d) डेविड आसुबेल 'सार्थक मौखिक अधिगम' (Meaningful Verbal Learning) और 'अग्रिम संगठन' (Advance Organizer) मॉडल के प्रणेता हैं।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: व्यवहारवाद इस बात पर जोर देता है कि आंतरिक मानसिक अवस्थाओं के बजाय बाहरी वातावरण और अनुभव व्यक्ति के व्यवहार को ढालते हैं। इस ऐतिहासिक दृष्टिकोण ने आधुनिक शिक्षाशास्त्र में पुनर्बलन (Reinforcement) और अभ्यास के नियमों को स्थापित किया। अधिक जानकारी के लिए अधिगम मनोविज्ञान और बाल विकास के अन्य सिद्धांतों का अध्ययन करें।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, DSSSB और BPSC) में विभिन्न मनोवैज्ञानिक संप्रदायों और उनके संस्थापकों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। व्यवहारवाद का शिक्षा में यह योगदान है कि यह कक्षा-कक्ष प्रबंधन, सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) और त्रुटि रहित शिक्षण तकनीकों को बढ़ावा देता है। परीक्षार्थियों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि जहाँ वाटसन व्यवहारवाद के संस्थापक हैं, वहीं स्किनर (B.F. Skinner) ने क्रियाप्रसूत अनुबंध (Operant Conditioning) के माध्यम से इसे चरम सीमा तक पहुँचाया। ऐसे प्रश्नों को हल करते समय प्रमुख वैज्ञानिकों और उनके मूल सिद्धांतों के मिलान पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।

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→ 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिन्ह अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory or Purposive Behaviorism) के अंतर्गत 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning), 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map), और 'स्थान अधिगम' (Place Learning) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके पारंपरिक उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) सिद्धांतों के साथ तुलनात्मक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'अधिगम के क्षेत्र और कक्षा-कक्ष शिक्षण' के संदर्भ में, एडविन गथरी (Edwin Guthrie) द्वारा प्रतिपादित 'समीप्यता का अधिगम सिद्धांत' (Contiguity Theory of Learning) के अंतर्गत 'एकल-प्रयास अधिगम' (One-Trial Learning) की अवधारणा और उद्दीपक-अनुक्रिया के बीच केवल एक बार की साहचर्य निकटता के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'संकेत-Gestalt अधिगम सिद्धांत' या 'प्रतीक-सार्थक अधिगम' (Sign-Gestalt/Purposeful Behaviorism) के अंतर्गत 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) और 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) की संकल्पनाओं के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उद्देश्यपूर्ण पाठ्यक्रम डिज़ाइन और विद्यार्थियों में स्व-निर्देशित स्थानिक अधिगम के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → मनोविज्ञान के व्यवहारवादी सम्प्रदाय (Behaviorism) के जनक कौन हैं? → शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) का सिद्धांत किसने दिया? → पाउवलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) और 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भय, पूर्वाग्रह तथा आदतों के नियमन व वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अनुकूलित अनुक्रिया और उत्तेजना सामान्यीकरण' (Conditioned Response and Stimulus Generalization) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एग्गडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Orbitofrontal Cortex) के बीच भय संघनन, भावनात्मक स्मृति और संकेत-पुरस्कार पूर्वानुमान (Cue-Reward Expectancy) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन बी. वाटसन (John B. Watson) द्वारा प्रतिपादित 'व्यवहारवाद और भावनात्मक कंडीशनिंग' (Emotional Conditioning in Behaviorism) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, व्यवस्थित असंवेदीकरण और सुरक्षित वातावरण शिक्षाशास्त्र (Safe Environment Pedagogy) और विद्यार्थियों में चिंता न्यूनीकरण, सकारात्मक वातानुकूलन व समग्र भावनात्मक स्थिरता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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