छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को, अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक समीप के विद्यालय में मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार होगा। कौन-सा अधिनियम उपरोक्त सिफारिश प्रदान करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को उसकी प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक समीप के विद्यालय में निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। यह अधिनियम भारत में गुणवत्तापूर्ण, न्यायसंगत और समावेशी प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है, जो बच्चों के अधिकारों, शिक्षकों की योग्यताओं, विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMC) और बुनियादी ढाँचे के मानकीकरण को अनिवार्य बनाता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- संवैधानिक आधार: 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के द्वारा अनुच्छेद 21A को मौलिक अधिकार के रूप में जोड़ा गया, जिसके क्रियान्वयन हेतु RTE Act 2009 पारित किया गया।
- आयु वर्ग: यह अधिनियम विशेष रूप से 6 से 14 वर्ष के बच्चों पर लागू होता है (दिव्यांग बच्चों के लिए यह सीमा 6 से 18 वर्ष है)।
- विकल्प विश्लेषण: कोठारी आयोग (1964-66) ने शिक्षा प्रणाली में सुधारों की संस्तुति की थी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 ने संपूर्ण देश के लिए समान शैक्षिक ढांचा दिया, और RMSA माध्यमिक शिक्षा के विस्तार से संबंधित है, अतः विकल्प (d) एकमात्र सही उत्तर है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: RTE अधिनियम बाल विकास और समावेशी शिक्षा की अवधारणा को कक्षा स्तर पर साकार करता है, जहाँ हर बच्चे को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर मिलते हैं।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
सीटेट (CTET) और अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में RTE Act 2009 से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को इस अधिनियम की मुख्य धाराओं जैसे छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR - 30:1 प्राथमिक स्तर पर), प्रति वर्ष कार्य दिवसों और शिक्षण घंटों, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों तथा शारीरिक दंड एवं प्रवेश परीक्षा के निषेध जैसे प्रावधानों का गहन अध्ययन करना चाहिए। यह कानून बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली की रीढ़ है।