यह शिक्षार्थियों के उत्तेजनाओं और सीखने के लिए उसकी प्रेरणा पर सक्रिय ध्यान देने के लिए संदर्भित करता है।
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
यहाँ पूछा गया कथन ब्लूम के वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy) के भावात्मक पक्ष (Affective Domain) के पहले स्तर 'अभिग्राही' (Receiving/Attending) को संदर्भित करता है। भावात्मक क्षेत्र भावनाओं, दृष्टिकोणों और मूल्यों के विकास से संबंधित है। इसका सबसे पहला चरण 'प्राप्त करना या अभिग्राही होना' (Receiving) है, जिसमें शिक्षार्थी किसी उत्तेजना, निर्देश या उद्दीपक (Stimulus) के प्रति अपनी संवेदना और सक्रिय ध्यान केंद्रित करता है। इस स्तर पर शिक्षार्थी न केवल बाहरी वातावरण से मिलने वाली जानकारी को ग्रहण करने के लिए तैयार होता है, बल्कि सीखने के प्रति अपनी आंतरिक प्रेरणा (Motivation) और चेतना को भी जागृत करता है। बिना अभिग्रहण के आगे की कोई भी मानसिक या भावात्मक प्रक्रिया संभव नहीं है, क्योंकि यह सीखने की प्रक्रिया में प्रवेश द्वार का कार्य करता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- ब्लूम के भावात्मक पक्ष का अनुक्रम: अभिग्रहण (Receiving) -> अनुक्रिया करना (Responding) -> मूल्य निर्धारण (Valuing) -> संगठन (Organization) -> चरित्र निर्माण (Characterization)।
- 'अभिग्राही' (Receiving) स्तर का अर्थ है- सुनने, देखने और निर्देशों के प्रति सचेत रहने की तत्परता।
- अन्य विकल्प जैसे 'संगठन' (Organization) मूल्यों को व्यवस्थित करने से जुड़ा है, 'जवाबी/अनुक्रिया' (Responding) सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है, और 'महत्व देना' (Valuing) किसी वस्तु या विचार के प्रति मूल्य या प्रतिबद्धता स्वीकार करने से संबंधित है।
- यह प्रश्न शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों के ध्यान और प्रेरणा की भूमिका को स्पष्ट करता है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बेंजामिन ब्लूम और उनके सहयोगियों द्वारा प्रतिपादित शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण में भावात्मक डोमेन भावनाओं और दृष्टिकोण के विकास पर जोर देता है। अधिक जानकारी के लिए ब्लूम का वर्गीकरण और अधिगम प्रेरणा के सिद्धांतों का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
टीईटी (TET) परीक्षाओं में ब्लूम के वर्गीकरण के तीनों पक्षों (ज्ञानात्मक, भावात्मक, और मनोगत्यात्मक) से लगातार प्रश्न पूछे जाते हैं। भावात्मक पक्ष से संबंधित प्रश्नों में अक्सर छात्र 'Receiving' और 'Responding' के बीच भ्रमित होते हैं। यह समझना आवश्यक है कि 'Receiving' केवल पैसिव या एक्टिव रूप से उद्दीपक के प्रति सचेत होना और ध्यान देना है, जबकि 'Responding' उस पर कोई प्रतिक्रिया देना या कार्य करना है। शिक्षकों को कक्षा में पढ़ाने से पहले छात्रों का ध्यान आकर्षित (Attention) करना चाहिए ताकि वे पाठ को 'अभिग्रहण' कर सकें। इस प्रकार के वैचारिक प्रश्न परीक्षा में उच्च स्कोर करने में मदद करते हैं।