विकास की अवस्थाएँ
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डेविड एलकिंड (David Elkind) के 'किशोर egocentrism' (अहंकेंद्रवाद) के सिद्धांत के अनुसार, किशोरावस्था की वह कौन सी विशेषता है जिसके तहत एक किशोर यह महसूस करता है कि वह हर समय दूसरों की पैनी नजर और आलोचनात्मक मूल्यांकन के दायरे में है, मानो वह किसी मंच पर अभिनय कर रहा हो?
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Detailed Explanation
डेविड एलकिंड ने जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के विचारों को आगे बढ़ाते हुए किशोरावस्था के अहंकेंद्रवाद (Adolescent Egocentrism) को परिभाषित किया। इसके दो मुख्य घटक हैं: 'काल्पनिक दर्शक' (Imaginary Audience) और 'व्यक्तिगत कल्पकथा' (Personal Fable)। काल्पनिक दर्शक वह स्थिति है जिसमें किशोर यह मानता है कि अन्य लोग उसके रूप-रंग, व्यवहार और हरकतों पर उसी तरह ध्यान दे रहे हैं और उसका मूल्यांकन कर रहे हैं जैसे वह खुद अपना करता है। इसके विपरीत, 'व्यक्तिगत कल्पकथा' वह विश्वास है कि उसकी भावनाएँ और अनुभव पूरी तरह से अद्वितीय हैं और वह दूसरों से अलग व अजेय है।
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'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के संदर्भ में, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) के अंतर्गत 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर अहंकेन्द्रिता' (Adolescent Egocentrism) की संकल्पना के दो प्रमुख घटकों—'काल्पनिक दर्शक' (Imaginary Audience) और 'व्यक्तिगत कथा' (Personal Fable)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: 11 वर्ष से आगे) की मुख्य विकासात्मक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक संज्ञानात्मक परिपक्वता को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की अवधारणा—जिसके तहत लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक बालक में अमूर्त चिंतन, परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning), वैज्ञानिक सोच और विभिन्न संभावनाओं का एक साथ मानसिक विश्लेषण करने की उच्च-स्तरीय क्षमता विकसित हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक मूल्यांकन, स्वतंत्र वैचारिक निर्माण और उन्नत समस्या-समाधान कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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एलन स्रौफे (L. Alan Sroufe) के 'विकासवादी अनुलग्नक सिद्धांत' (Developmental Attachment Theory) और अनुलग्नक के प्रसार (Cascade of Attachment) के संदर्भ में, प्रारंभिक बाल्यावस्था में सुरक्षित अनुलग्नक (Secure Attachment) का अनुभव करने वाले बच्चों में बाद के विकास चरणों (जैसे कि स्कूल जाने की उम्र और किशोरावस्था) में निम्नलिखित में से कौन सा प्रमुख मनोवैज्ञानिक परिणाम सबसे अधिक देखने को मिलता है?
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'विकास के आयाम' (Dimensions of Development) के अंतर्गत, रोबर्ट हेविगहर्स्ट (Robert Havighurst) द्वारा प्रतिपादित 'विकासात्मक कार्य सिद्धांत' (Developmental Tasks Theory) के अनुसार, बाल्यावस्था (6 से 12 वर्ष) के दौरान निम्नलिखित में से कौन सा विशिष्ट विकासात्मक कार्य बालक के मनोसामाजिक और शारीरिक विकास का सबसे प्रमुख घटक माना जाता है?
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AEP, 2005 का पूर्ण प्रपत्र है-
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........ का उद्देश्य युवाओं को सटीक, आयु के अनुकूल और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक जानकारी प्रदान करना है; स्वस्थ दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और कौशल विकसित करना ताकि वे वास्तविक जीवन की स्थितियों के लिए प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।
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