जीन पियाजे
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'भाषा विकास और विचार' (Language and Thought) के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) और स्विस मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार, बालक में 'अहंकेन्द्रित भाषण' (Egocentric Speech) और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के विकास के क्रम और उनके प्रकार्यों (Functions) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की और जीन पियाजे के भाषा एवं विचार संबंधी सिद्धांतों में मुख्य अंतर 'अहंकेन्द्रित भाषण' (Egocentric Speech) को लेकर है। जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे के शुरुआती भाषण का एक बड़ा हिस्सा अहंग्रस्त (Egocentric) होता है क्योंकि वे दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थ होते हैं, और जैसे-जैसे बच्चा सामाजिक रूप से परिपक्व होता है, यह भाषण लुप्त हो जाता है। इसके विपरीत, लेव वाइगोत्स्की का मानना था कि अहंकारयुक्त भाषण वास्तव में सामाजिक भाषण से आंतरिक भाषण (Inner Speech) की ओर बढ़ने का एक मध्यवर्ती चरण है। वाइगोत्स्की के अनुसार, यह बच्चों को अपने व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में मदद करता है और अंततः यह मौन आंतरिक भाषण में बदल जाता है।
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