स्मृति एवं विस्मृति
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,850 times
'विस्मरण के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और 'न्यूनतम अभ्यास के नियम' (Law of Disuse) के अंतर्गत स्मृति क्षय (Memory Decay) के मात्रात्मक स्वरूप, तथा सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'दमन सिद्धांत' (Repression Theory of Forgetting) के अंतर्गत अचेतन मन में कुंठित या दर्दनाक अनुभवों के सक्रिय बहिष्करण (Motivated Forgetting) के मनोवैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक कक्षा-कक्ष शिक्षण, तनाव-मुक्त अधिगम वातावरण और विद्यार्थियों में स्मरण शक्ति के संवर्धन हेतु उपयुक्त पुनरावृत्ति रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न हरमन एबिंगहॉस के 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और सिग्मंड फ्रायड के 'दमन सिद्धांत' (Repression Theory) के बीच के मनोवैज्ञानिक अंतर्संबंधों का गहन मूल्यांकन करता है। एबिंगहॉस के अनुसार, बिना अभ्यास के सीखी गई सामग्री समय बीतने के साथ तेजी से भूलती है (निष्क्रिय क्षय), जिसके निवारण के लिए 'अंतराल पुनरावृत्ति' (Spaced Repetition) आवश्यक है। इसके विपरीत, फ्रायड का दमन सिद्धांत 'प्रेरित विस्मरण' (Motivated Forgetting) पर बल देता है जहाँ व्यक्ति चिंता या दर्द देने वाली स्मृतियों को अचेतन में धकेल देता है। आधुनिक शिक्षाशास्त्र में इन दोनों सिद्धांतों को समझना शिक्षकों को यह सिखाता है कि वे न केवल वैज्ञानिक पुनरावृत्ति विधियों का प्रयोग करें बल्कि कक्षा में एक तनाव-मुक्त, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण भी प्रदान करें ताकि बच्चे का संवेगात्मक दमन न हो।
अगला प्रश्न →
'स्मृति और विस्मरण के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, हर्बिंग…
← पिछला प्रश्न
'विस्मरण के सिद्धांतों' (Theories of Forgetting) के संदर्भ…
Related Questions
→
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) और 'व्युत्क्रमित या अनुभवजन्य अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम तब होता है जब छात्र की व्यक्तिगत जिज्ञासा, उसकी अपनी समस्याओं और उसके स्व-सचेतन (Self-initiated) अनुभवों के साथ विषय-वस्तु जुड़ जाती है, और शिक्षक केवल एक 'सहायक या सुविधाप्रदाता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है न कि एक पारंपरिक ज्ञान के प्रदाता की—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-निर्देशित अधिगम, संवेगात्मक संलग्नता और व्यक्तिगत स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'रक्षा तंत्र या डिफेंस मैकेनिज्म' के अंतर्गत आने वाली 'युक्तिकरण या рационализация / Rationalization'—जिसे उस अचेतन रक्षात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी किसी अस्वीकार्य विफलता, चिंता, अनुचित व्यवहार या कमियों को छिपाने के लिए समाज-स्वीकार्य, तार्किक और बौद्धिक रूप से प्रतीत होने वाले झूठे या कृत्रिम कारण गढ़ लेता है (जैसे—'अंगूर खट्टे हैं' का मनोवैज्ञानिक उदाहरण)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, रक्षात्मक व्यवहारों के पहचान और यथार्थवादी समायोजन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बुद्धि की संरचना (Structure of Intellect - SOI) के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुद्धि के त्रि-आयामी (Structure of Intellect) मॉडल का प्रतिपादन जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा किया गया था, जिन्होंने मानसिक क्षमताओं को तीन स्वतंत्र आयामों - विषय-वस्तु (Contents), संक्रियाएँ (Operations), और उत्पाद (Products) में वर्गीकृत किया है।
2. गिलफोर्ड के प्रारंभिक मॉडल के अनुसार, बुद्धि कुल 4×5×6 = 120 स्वतंत्र बौद्धिक कारकों (Factors) से मिलकर बनी थी, जिसे बाद में संशोधित करके कुल 150 और अंततः 180 कारकों तक विस्तारित किया गया।
3. इस सिद्धांत के अंतर्गत 'विषय-वस्तु' (Contents) आयाम के भीतर सांकेतिक (Symbolic), प्रतीकात्मक, व्यवहारपरक (Behavioral) और आकृतिक (Figural) जैसी मानसिक सामग्रियां शामिल होती हैं, जिन पर मस्तिष्क की संक्रियाएँ कार्य करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
'बुद्धि के संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा 1967 में प्रतिपादित त्रि-आयामी सिद्धांत (3D Model of Intellect) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र आयामों—विषय-वस्तु (Contents), संक्रियाएँ (Operations), और उत्पाद (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। गिलफोर्ड के इस संशोधित और विस्तारित मॉडल में इन तीनों आयामों के अंतर्गत उप-श्रेणियों (Sub-divisions) की कुल संख्या क्रमशः कितनी है, जिसके आधार पर कुल 180 प्रकार की बौद्धिक क्षमताओं का निर्माण होता है?
→
'स्मृति और विस्मरण के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-भंडार स्मृति मॉडल' (Multi-Store Memory Model) के अंतर्गत 'संवेदी रजिस्टर' (Sensory Register), 'अल्पकालिक स्मृति' (Short-Term Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-Term Memory) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) एवं 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) द्वारा सूचनाओं के एनकोडिंग, समेकन (Consolidation) और पुनर्प्राप्ति (Retrieval) की प्रक्रिया, तथा हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और 'सक्रिय पूर्वाभ्यास' (Active Rehearsal) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक भार सिद्धांत (Cognitive Load Theory) के प्रबंधन और विद्यार्थियों में दीर्घकालिक ज्ञान प्रतिधारण (Knowledge Retention) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'स्मृति और विस्मरण के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'मल्टी-स्टोर मॉडल' (Multi-Store Model of Memory) के अंतर्गत 'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory), 'अल्पकालिक स्मृति' (Short-Term Memory / Working Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-Term Memory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की समेकन (Consolidation) एवं पुनर्प्राप्ति (Retrieval) की सक्रियण प्रक्रिया, तथा हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अंतर्गत 'प्रारंभिक तीव्र पतन' और 'पुनरावृत्ति (Rehearsal) के प्रभावों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक भार सिद्धांत (Cognitive Load Theory) के प्रभावी अनुप्रयोग और विद्यार्थियों में दीर्घकालिक ज्ञान संग्रहण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांतों' (Theories of Memory and Forgetting) के संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) और 'निरर्थक शब्दांशों' के प्रयोग से जुड़े मात्रात्मक विश्लेषण के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जॉन ब्रॉडस वॉटसन (John B. Watson) और इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन से इतर, हर्बर्ट साइमन (Herbert Simon) तथा रिचर्ड एटलकिन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) द्वारा प्रतिपादित 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) के तीन प्रमुख घटकों—'संवेदी स्मृति' (Sensory Memory), 'अल्पकालिक स्मृति/कार्यकारी स्मृति' (Short-term/Working Memory), और 'दीर्घकालिक स्मृति' (Long-term Memory)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांत' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मृति वक्र' (Forgetting Curve), 'बचत विधि' (Savings Method), तथा जिरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) और 'संरचनात्मक उपागम' के वैज्ञानिक स्वरूप तथा 'हस्तक्षेप सिद्धांत' (Interference Theory) के अंतर्गत 'पूर्ववर्ती हस्तक्षेप' (Proactive Interference) और 'पश्चगामी हस्तक्षेप' (Retroactive Interference) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.