बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत
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'बुद्धि के संरचनात्मक व पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित मॉडल' (Hierarchical Model of Intelligence) के अंतर्गत 'सामान्य कारक (g)' और विशिष्ट समूहों जैसे 'मौखिक-शैक्षणिक' (Verbal-Educational) तथा 'व्यावहारिक-यांत्रिक' (Practical-Mechanical) कारकों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा सिरिल बर्ट (Cyril Burt) के पदानुक्रमित दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मानकीकृत मूल्यांकन (Standardized Assessment) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी योग्यताओं के वैज्ञानिक वर्गीकरण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) ने बुद्धि के पदानुक्रमित मॉडल (Hierarchical Model of Intelligence) का प्रतिपादन किया, जिसमें उन्होंने स्पीयरमैन के सामान्य कारक ('g') और थर्स्टन व अन्य विचारकों के विशिष्ट कारकों के बीच समन्वय स्थापित किया। इस पदानुक्रम के शीर्ष पर सर्वोच्च सामान्य कारक ('g') होता है, उसके नीचे प्रमुख समूह कारक (Major Group Factors) जैसे 'मौखिक-शैक्षणिक' (v:ed) और 'व्यावहारिक-यांत्रिक' (k:m) आते हैं, और उसके भी नीचे छोटे विशिष्ट कारक होते हैं। आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में यह मॉडल शिक्षकों को विद्यार्थियों की बौद्धिक योग्यताओं की बहु-आयामी संरचना को समझने, उनकी ताकतों की पहचान करने और तदनुसार विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) की योजना बनाने में सहायता प्रदान करता है।
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