संज्ञानात्मक विकास
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'बुद्धि के समकालीन और सूचना प्रक्रमण सिद्धांतों' के संदर्भ में, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग और उनके सहयोगियों द्वारा विकसित 'संज्ञानात्मक घटक विश्लेषण' (Cognitive Component Analysis) के अंतर्गत 'मेटाकंपोनेंट्स' (Metacomponents - उच्च-स्तरीय कार्यकारी योजना और नियंत्रण प्रक्रियाएं), 'प्रदर्शन घटक' (Performance Components - रणनीतियों का निष्पादन), और 'ज्ञान-प्राप्ति घटक' (Knowledge-Acquisition Components - नई जानकारी सीखने की प्रक्रिया) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) के बुद्धि के पदानुक्रमित मॉडल के अंतर्गत 'लेवल-I (सहयोगी अधिगम और याददाश्त)' और 'लेवल-II (संज्ञानात्मक, वैचारिक और समस्या-समाधान)' योग्यताओं के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित उपागमों और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम चिंतन कौशल (HOTS) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के 'संज्ञानात्मक घटक विश्लेषण' में 'मेटाकंपोनेंट्स' (Metacomponents) वे कार्यकारी प्रक्रियाएं हैं जो किसी समस्या को परिभाषित करने, उसके समाधान की योजना बनाने, रणनीति चुनने और उसकी प्रगति की निगरानी करने का कार्य करती हैं। वहीं, आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) ने बुद्धि को दो स्तरों में बांटा: 'लेवल-I' (जो associative learning, जैसे याददाश्त, रटने और अनुबंधन से संबंधित है) और 'लेवल-II' (जो cognitive-conceptual abilities, यानी अमूर्त तर्क, वैचारिक समझ और जटिल समस्या-समाधान से संबंधित है)। आधुनिक समावेशी शिक्षा और उच्च-क्रम चिंतन कौशल (HOTS) के विकास के लिए मेटाकंपोनेंट्स और लेवल-II योग्यताएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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'अधिगम के संज्ञानात्मक-व्यवहारवादी सिद्धांतों और स्व-नियामक शिक्षण' के संदर्भ…
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