त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और विचार (Language Development and Thought)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' के अंतर्गत 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) और 'सामाजिक भाषण' (Social Speech) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) और 'आर्क्यूएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच भाषा प्रसंस्करण, ध्वन्यात्मक कूटलेखन (Phonological Decoding) और सिमेंटिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'अहंकेन्द्रित भाषण' (Egocentric Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक नियंत्रण, स्वनिर्देशक व्यवहार व वैचारिक आंतरिककरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार, भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु में वे एक हो जाते हैं, जिससे 'आंतरिक भाषण' (जो कि बाह्य भाषण का आंतरिक संस्करण है) का जन्म होता है। यह बच्चों में स्वनिर्देशक व्यवहार, कार्यकारी कार्य (Executive Functions) और संज्ञानात्मक नियंत्रण को बढ़ावा देता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से, मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (भाषण उत्पादन), 'वेर्निके क्षेत्र' (भाषा की समझ) और 'आर्क्यूएट फैसिकुलस' (इन दोनों को जोड़ने वाला तंत्रिका मार्ग) भाषा और विचार के प्रसंस्करण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पियाजे ने बच्चों के शुरुआती भाषण को 'अहंकेन्द्रित' माना था, जबकि वाइगोत्स्की ने इसे 'सामाजिक रूप से प्रेरित' और अंततः 'आंतरिक भाषण' में बदलने वाला माना। विकल्प (b) इन दोनों सिद्धांतों और उनके न्यूरो-जैविक तथा समावेशी शिक्षाशास्त्र में निहितार्थों का सटीक वर्णन करता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश की राजव्यवस्था, पंचायती राज व्यवस्था और विधानमंडल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश विधानसभा (Legislative Assembly) में कुल सदस्यों की संख्या 403 है, और यदि आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के मनोनयन के प्रावधान को समाप्त कर दिया जाए (104वें संविधान संशोधन के पश्चात), तो यह पूरी तरह निर्वाचित सदन है, जिसके गठन के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष निर्धारित है।
2. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council) एक स्थायी सदन है जिसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, और इसके कुल सदस्यों में से एक-तिहाई सदस्य स्थानीय संस्थाओं (जैसे नगर निगम, जिला पंचायत आदि) द्वारा चुने जाते हैं।
3. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) का विधिवत शुभारंभ उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 के तहत किया गया था, और 73वें संविधान संशोधन (1992) के माध्यम से इसे संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया जिसके तहत पंचायतों में महिलाओं के लिए न्यूनतम एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित की गईं।
4. उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त और उपलोकायुक्त अधिनियम के तहत नियुक्त राज्य के पहले 'लोकायुक्त' न्यायमूर्ति विशंभर दयाल थे, जिनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा, तथा इस पद पर नियुक्त होने वाले व्यक्ति का चयन मुख्यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की संयुक्त समिति द्वारा किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
थॉर्नडाइक के सीखने के सिद्धांत (Trial and Error Theory) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा नियम 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) का दूसरा नाम या उसका सबसे सटीक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ प्रस्तुत करता है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: अमूर्त चिंतन, परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क और मेटाकॉग्निशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पृष्ठपार्श्वीय प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC: कार्यशील स्मृति, रणनीतिक योजना और अमूर्त तार्किकता), 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC: त्रुटि संसूचन, संज्ञानात्मक नियंत्रण और संघर्ष समाधान), तथा 'पैरिएटल-टेम्पोरल एसोसिएशन कॉर्टेक्स' (Parietal-Temporal Association Cortex - बहु-संवेदी सूचनाओं का एकीकरण और जटिल वैचारिक संरचना) के बीच परिपक्व व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स, डिस्ट्रीब्यूटेड कॉर्टिकल नेटवर्क्स के उच्च-क्रम सिंक्रोनाइजेशन, और सिनैप्टिक प्रूनिंग के अंतिम चरण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एलकाइंड के 'किशोरावस्था की अहंकेंद्रिता' (Adolescent Egocentrism) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-फॉर्मल ऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड मेटाकॉग्निटिव पेडागोजी' (Neuro-Formal Operational Optimized Metacognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में परिकल्पनात्मक तार्किकता, समस्या-समाधान क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास, वैदिक साहित्य और उत्तर प्रदेश के पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के 'प्रयागराज' (इलाहाबाद) के समीप स्थित 'झूँसी' (प्रतिष्ठानपुर) प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जिसे चंद्रवंशी राजा पुरूरवा की राजधानी के रूप में भी पुराणों में वर्णित किया गया है।
2. बौद्ध साहित्य में वर्णित 'सारनाथ' (ऋषिपत्तनम या मृगदाव), जहाँ गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपधर्मचक्र प्रवर्तन दिया था, उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गंगा और वरुणा नदियों के संगम के अत्यंत निकट स्थित है।
3. 'कौशाम्बी', जो प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जैन धर्म के छठे तीर्थंकर पद्मप्रभ की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है, और यहाँ सम्राट अशोक द्वारा स्थापित एक प्रमुख स्तंभ लेख भी पाया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप के संदर्भ में, राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग कितना प्रतिशत भाग गंगा-यमुना के विशाल मैदान (Ganga-Yamuna Plain) के अंतर्गत आता है तथा इस मैदानी क्षेत्र की मिट्टी का मुख्य निर्माण किसके द्वारा हुआ है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.