BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और एडीएचडी (ADHD - ध्यान न्यूनता अतिसक्रियता विकार)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, रसेल बार्कले (Russell Barkley) द्वारा प्रतिपादित 'एडीएचडी का कार्यकारी कार्य मॉडल' (Executive Function Model) के अंतर्गत 'कार्यकारी स्मृति, आत्म-विनियमन, आंतरिक भाषण और प्रेरणा नियंत्रण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia) और 'रैटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (RAS) के बीच डोपापिनर्जिक डिसफंक्शन, आवेग नियंत्रण (Impulse Control) और सतत ध्यान (Sustained Attention) की सक्रियण विसंगति, तथा जॉर्ज स्टिल (George Still) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक व्यवहारपरक शिक्षाशास्त्र (Remedial Behavioral Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, स्व-निगरानी (Self-Monitoring) व कार्यकारी कौशल विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

रसेल बार्कले (Russell Barkley) का एडीएचडी (ADHD) का कार्यकारी कार्य मॉडल यह स्पष्ट करता है कि एडीएचडी मुख्य रूप से स्व-नियमन (Self-regulation) और कार्यकारी कार्यों (Executive Functions) जैसे कि निरोधात्मक नियंत्रण, कार्यकारी स्मृति और प्रेरणा नियंत्रण की कमी से जुड़ा है, जो प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और सबर्टिकल संरचनाओं (जैसे बेसल गैंग्लिया) के न्यूरो-संज्ञानात्मक कामकाज को प्रभावित करता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में ऐसे विद्यार्थियों के लिए संरचित दिनचर्या, दृश्य संकेत, स्व-निगरानी और उपचारात्मक रणनीतियाँ अत्यधिक प्रभावी होती हैं।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलों, तालों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. 'फुलहर झील' (Phulhar Lake) - पीलीभीत जिला (यह गोमती नदी का उद्गम स्थल भी है) 2. 'बड़ा ताल' (गोखुर झील) - शाहजहाँपुर जिला 3. 'राधा कुंड' - गोवर्धन, मथुरा जिला 4. 'मोती झील' - कानपुर नगर जिला उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोहलवर्ग के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की अंतिम अवस्था में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों और सार्वभौमिक न्याय के ऐसे अंतःकरण पर आधारित होता है, जो समाज के स्थापित कानूनों से भी ऊपर हो सकते हैं (जैसे- महात्मा गांधी या मार्टिन लूथर किंग जूनियर का दृष्टिकोण)। 2. इस सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) ने तर्क दिया कि कोहलवर्ग का यह मॉडल मुख्य रूप से पुरुषों के नैतिक विकास पर आधारित है और यह महिलाओं में पाए जाने वाले 'देखभाल और संबंधों की नैतिकता' (Morality of Care) की उपेक्षा करता है। 3. कोहलवर्ग के अनुसार, नैतिक विकास की सभी अवस्थाएँ सार्वभौमिक और परिवर्तनशील होती हैं, जिन्हें संस्कृति और पर्यावरण के प्रभाव से आसानी से बदला या उलट-पलट (Reversed) जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, वाइगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्दनिक मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (Superior Temporal Sulcus - STS), और 'लैंग्वेज नेटवर्क' (Broca's and Wernicke's Areas) के बीच सामाजिक मध्यस्थता, कार्यकारी कार्य नियंत्रण (Executive Function Control), और आंतरिक वाक् (Inner Speech) के विकास की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'स्कैफोल्डिंग अवधारणा' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, सहकर्मी मध्यस्थता (Peer Mediation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिमत्ता के बहुआयामी सिद्धांतों (Multidimensional Theories of Intelligence)' के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'संगीतकीय बुद्धिमत्ता' (Musical Intelligence) और 'शारीरिक-संवेदी बुद्धिमत्ता' (Bodily-Kinesthetic Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - STG), 'सेरिबेलम' (Cerebellum) और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच श्रवण प्रसंस्करण, लेयबद्ध एकीकरण और सूक्ष्म-पेशीय समन्वय (Fine-motor coordination) की सक्रियण गतिकी, तथा डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Emotional Intelligence Theory: आत्म-जागरूकता, स्व-प्रबंधन, सामाजिक जागरूकता और संबंध प्रबंधन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी कला-एकीकृत शिक्षाशास्त्र (Arts-integrated Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, अंतर-वैयक्तिक समन्वय व समग्र कौशल विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है, जिससे वह यह समझ पाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है। 2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं और घटनाओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यताओं में पारंगत हो जाते हैं, लेकिन वे अमूर्त तार्किक चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-deductive reasoning) का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं। 3. पियाजे के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) वह अंतिम चरण है जो किशोरावस्था से प्रारंभ होता है, जिसमें व्यक्ति वैज्ञानिक पद्धति से सोचना सीखता है और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर अमूर्त समस्याओं का समाधान कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.