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वैयक्तिक भिन्नता एवं समावेशी शिक्षा सभी देखें (712) वैयक्तिक भिन्नताएँ30 समावेशी शिक्षा250 विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)63 अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)315 ADHD, ऑटिज़्म एवं न्यूरो-विकासात्मक स्थितियाँ22 प्रतिभाशाली एवं सृजनशील बालक9 वंचित, पिछड़े एवं लैंगिक समानता23
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शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया सभी देखें (546) शिक्षण: अर्थ, प्रकृति एवं सिद्धांत3 शिक्षण विधियाँ153 शिक्षण युक्तियाँ, सूत्र एवं तकनीकें5 पाठ योजना एवं इकाई योजना13 शिक्षण अधिगम सामग्री एवं ICT34 कक्षा प्रबंधन एवं अनुशासन5 शिक्षक की भूमिका एवं व्यावसायिक दक्षता92 बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण231 शैक्षिक मनोविज्ञान: अर्थ एवं विधियाँ10
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शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,770 times
हिन्दी English

'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अननुबंधित उद्दीपक' (Unconditioned Stimulus - US) और 'अनुबंधित उद्दीपक' (Conditioned Stimulus - CS) के एकीकरण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'ेंट्रोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventrolateral Prefrontal Cortex) के बीच भय कंडीशनिंग (Fear Conditioning), भावनात्मक अनुक्रिया और विलुप्ति (Extinction) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वॉटसन (John B. Watson) के 'व्यवहारवाद और भावनात्मक अनुबंधन' (Little Albert Experiment) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भय-मुक्त वातावरण (Fear-Free Learning Environment) और विद्यार्थियों में सकारात्मक भावनात्मक समायोजन, तनाव न्यूनीकरण व अनुकूलित व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, इवान पावलोव द्वारा प्रतिपादित अननुबंधित उद्दीपक (US) और अनुबंधित उद्दीपक (CS) के मध्य साहचर्य निर्माण में मस्तिष्क का 'अमिकडाला' (Amygdala) केंद्रीय भूमिका निभाता है। यह संरचना भय, चिंता और भावनात्मक अनुक्रियाओं (Emotional Responses) को नियंत्रित एवं उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी होती है। जॉन वॉटसन के 'लिटिल अल्बर्ट' प्रयोग ने यह सिद्ध किया कि भावनाओं को भी अनुबंधित किया जा सकता है। जब इन नकारात्मक या भयभीत अनुक्रियाओं को समाप्त करना होता है, तो मस्तिष्क का 'वेंट्रोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vlPFC) और 'हिप्पोकैम्पस' विलोपन (Extinction) और संज्ञानात्मक नियंत्रण की प्रक्रिया को संचालित करते हैं। आधुनिक समावेशी शिक्षा में एक भय-मुक्त वातावरण (Fear-Free Learning Environment) प्रदान करना इसी न्यूरो-बायोलॉजिकल सिद्धांत पर आधारित है, जिससे विद्यार्थियों में तनाव कम होता है और सकारात्मक भावनात्मक समायोजन संभव होता है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • अमिकडाला (Amygdala): भय कंडीशनिंग (Fear Conditioning) और भावनात्मक स्मृतियों के निर्माण का मुख्य केंद्र।
  • विलोपन (Extinction): अनुबंधित उद्दीपक के बार-बार बिना US के प्रस्तुत होने पर भय की प्रतिक्रिया का कम होना, जिसमें प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • विकल्प (b) गलत है क्योंकि शास्त्रीय अनुबंधन केवल मोटर कॉर्टेक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लिम्बिक सिस्टम और विभिन्न कॉर्टिकल क्षेत्र शामिल हैं।
  • विकल्प (c) और (d) तथ्यात्मक रूप से असत्य हैं क्योंकि वॉटसन व्यवहारवादी थे (संज्ञानात्मक नहीं) और शास्त्रीय अनुबंधन केवल उच्च अमूर्त चिंतन तक सीमित नहीं है।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल विकास और शिक्षाशास्त्र में अधिगम के व्यवहारवादी सिद्धांतों जैसे पावलोव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत के अंतर्गत उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) सहसंबंध और मस्तिष्क की न्यूरोलॉजिकल गतिकी का अध्ययन शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:ः

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, सुपरटेट) में आजकल व्यवहारवाद और न्यूरोसाइंस के अंतर्संबंधों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। समावेशी कक्षा में छात्रों की भावनात्मक सुरक्षा सर्वोपरि होती है। यदि कोई छात्र कक्षा में अत्यधिक भय या चिंता (जैसे परीक्षा का डर या शिक्षक का भय) महसूस करता है, तो उसका अमिकडाला अति-सक्रिय हो जाता है, जिससे उसकी अधिगम क्षमता (Learning Capacity) बाधित होती है। एक शिक्षक के रूप में यह आवश्यक है कि सकारात्मक पुनर्बलन और सुरक्षित माहौल के माध्यम से 'विलोपन' (Extinction) की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाए, जिससे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स सक्रिय हो और छात्र का संज्ञानात्मक विकास सुचारू रूप से चल सके।

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Watson) द्वारा प्रतिपादित 'व्यवहारवाद और भावनात्मक कंडीशनिंग' (Emotional Conditioning in Behaviorism) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, व्यवस्थित असंवेदीकरण और सुरक्षित वातावरण शिक्षाशास्त्र (Safe Environment Pedagogy) और विद्यार्थियों में चिंता न्यूनीकरण, सकारात्मक वातानुकूलन व समग्र भावनात्मक स्थिरता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, लुइस ब्रेल (Louis Braille) द्वारा विकसित 'ब्रेल लिपि' (Braille System) के छह-बिंदु कोड मैट्रिक्स (Six-dot Cell Matrix) की स्पर्शनीय न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और दृश्यबाधित विद्यार्थियों में स्पर्श संवेदन के माध्यम से मस्तिष्क के दृश्यक (Visual Cortex) के पुनरुपयोग (Cross-modal Plasticity) की प्रक्रिया, तथा सैम बार्नेट (Sam Barnett) और अन्य द्वारा विश्लेषित 'दृष्टिहीनता और श्रवणबाधित बालकों के समावेशन में सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों (अर्थात् बहुविध प्रस्तुति, बहुविध अभिव्यक्ति, और बहुविध जुड़ाव) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ अधिगम वातावरण के निर्माण और विद्यार्थियों में स्वायत्त ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'अधिगम के गेस्टाल्टवादी और अंतर्दृष्टि सिद्धांतों' के संदर्भ में, मैक्स वर्थहाइमर (Max Wertheimer), कोहलर (Wolfgang Köhler) और कोफ्का (Kurt Koffka) द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्ट मनोविज्ञान' (Gestalt Psychology) के अंतर्गत 'सूझ या अंतर्दृष्टि अधिगम' (Insight Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप और मस्तिष्क के 'ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Occipito-temporal Cortex) व 'पूर्व-ललाट पालि' (Prefrontal Lobe) के तार्किक पुनर्गठन की प्रक्रिया, तथा कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक और मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Experiential and Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत 'सार्थक अनुभवात्मक अधिगम' (Significant Experiential Learning) और 'विद्यार्थी-केंद्रित वातावरण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के समग्र दृष्टिकोण और विद्यार्थियों में स्वायत्त सृजनात्मक चिंतन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) 'विशेष आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष विद्यालयों' की स्थापना पर सबसे अधिक बल देती है और सामान्य विद्यालयों में उनकी मुख्यधारा में भागीदारी को हतोत्साहित करती है। 2. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक या भाषाई भिन्नताओं के बावजूद नियमित कक्षा-कक्ष में समान आयु वर्ग के बालकों के साथ गुणवत्तापूर्ण अधिगम के अवसर प्रदान करना है। 3. 'सुगम्य भारत अभियान' (Accessible India Campaign) और भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) देश में दिव्यांगजनों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए बाधा-मुक्त वातावरण (Barrier-free environment) और विशेष शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रमुख वैधानिक और प्रशासनिक प्रयास हैं। 4. शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) के तहत निजी विद्यालयों में भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के लिए भी 25% सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → 'अधिगम के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अननुबंधित और अनुबंधित उद्दीपन-अनुक्रिया साहचर्य' (Unconditioned & Conditioned Stimulus-Response Association) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), लॉन्ग-टर्म पोटेंशिएशन (LTP - Long-Term Potentiation), और भय या भावनात्मक अनुबंधन (Emotional Conditioning) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वॉटसन (John B. Watson) के 'व्यवहारवादी दृष्टिकोण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-बिहेवियरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Behavioral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सकारात्मक आदत निर्माण, भावनात्मक संवेदी नियमन व समग्र अनुक्रिया अनुकूलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिन्ह अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory or Purposive Behaviorism) के अंतर्गत 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning), 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map), और 'स्थान अधिगम' (Place Learning) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके पारंपरिक उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) सिद्धांतों के साथ तुलनात्मक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'अधिगम के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के संदर्भ में, रूसी physiologist इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के प्रयोगों में 'विलुप्तिकरण' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), और 'उत्तेजना सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके अधिगम प्रक्रियाओं में अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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