त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और 'अterior Cingulate Cortex' के बीच अमूर्त तर्क, हाइपोथेटिको-डिडक्टिव रीजनिंग (Hypothetico-Deductive Reasoning) और मेटाकॉग्निशन की सक्रियण गतिकी, तथा बारबरा रोगाफ (Barbara Rogoff) द्वारा प्रतिपादित 'निर्देशित सहभागिता और सामाजिक-सांस्कृतिक संज्ञान' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, पूछताछ-आधारित विज्ञान शिक्षाशास्त्र (Inquiry-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक लचीलेपन, समस्या-समाधान व समग्र संज्ञानात्मक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) अमूर्त चिंतन, परिकल्पना-आधारित निगमन और तार्किक तर्क की विशेषता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से, यह अवस्था मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्कों के परिपक्व होने से जुड़ी है। जब इसे पूछताछ-आधारित शिक्षाशास्त्र (Inquiry-Based Pedagogy) और बारबरा रोगाफ के निर्देशित सहभागिता दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाता है, तो यह समावेशी कक्षाओं में विद्यार्थियों के मेटाकॉग्निशन और उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कौशल को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग कितना प्रतिशत भाग 'तराई क्षेत्र' (Terai Region) के अंतर्गत आता है, जो अपनी दलदली भूमि, सघन वनों और उच्च आर्द्रता के लिए जाना जाता है?
→
बाल विकास के दौरान 'मस्तिष्क से नीचे की ओर' (Cephalocaudal Trend) और 'निकट से दूर की ओर' (Proximodistal Trend) के विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सिर से पैर की ओर का विकास नियम यह बताता है कि शारीरिक विकास हमेशा शरीर के ऊपरी हिस्से (यानी सिर और मस्तिष्क) से शुरू होकर नीचे की ओर (पैरों की तरफ) बढ़ता है, जिसके कारण शिशु चलने से पहले अपने सिर और गर्दन पर नियंत्रण स्थापित करना सीखता है।
2. निकट से दूर का विकास नियम यह इंगित करता है कि शारीरिक विकास हमेशा शरीर के केंद्रीय अक्ष (Center of the body) से शुरू होकर परिधि (Periphery) की ओर यानी बाहर की तरफ अग्रसर होता है, जिससे रीढ़ की हड्डी और कंधों का विकास उंगलियों की सूक्ष्म पेशियों से पहले होता है।
3. ये दोनों विकासात्मक प्रवृत्तियाँ केवल शारीरिक और गत्यात्मक (Physical and Motor Development) परिवर्तनों तक ही सीमित हैं, और इनका बालकों के संज्ञानात्मक, भाषा या सामाजिक विकास की गतियों से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि परीक्षण और मापन' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) और थियोडोर साइमन द्वारा विकसित प्रथम बुद्धि परीक्षण (Binet-Simon Intelligence Scale) तथा विलियम स्टर्न (William Stern) और लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि लब्धि' (Intelligence Quotient - IQ) की संकल्पना के गणितीय और मनोवैज्ञानिक आधार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक सवैन (Sabine) तथा एल.एस. होलिंगवर्थ (L.S. Hollingworth) द्वारा प्रतिपादित 'पठार निर्माण के प्रमुख कारणों' (जैसे—थकान, अभिप्रेरणा की कमी, रुचि का अभाव, जटिल विषय-वस्तु, और अनुचित शिक्षण विधियाँ) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा इनसे उबरने के उपायों (जैसे—शिक्षार्थी की रुचि जागृत करना, नवीन विधियों का प्रयोग करना, और विश्राम देना) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय इतिहास एवं प्राचीन सभ्यताएं' के संदर्भ में, हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) के उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख पुरातात्विक स्थलों—जैसे आलमगीरपुर (मेरठ), हुलास (सहारनपुर), मांडी (मुजफ्फरनगर), और सनौली (बागपत)—के भौगोलिक वितरण, इनसे प्राप्त साक्ष्यों (जैसे कपास के अवशेष, धान की खेती के प्रमाण, रथ के साक्ष्य, और समाधि स्थल), तथा स्वतंत्रता के पश्चात भारत में खोजे गए इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के वैज्ञानिक एवं तार्किक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.