जीन पियाजे
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,249 times
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाएँ' (Sensorimotor, Preoperational, Concrete operational, and Formal operational stages) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'पेरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex) के बीच सिनैप्टिक प्रूनिंग (Synaptic Pruning), माइलीनॉउसिस (Myelinogenesis), और कार्यकारी कार्यों (Executive Functions) के परिपक्वता क्रम की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य और कॉर्टिकल रीऑर्गेनाइजेशन के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिस्कवरी-बेस्ड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Discovery-Based Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संरक्षण (Conservation), प्रतिवर्तता (Reversibility), और अमूर्त तार्किकता जैसे उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल व समग्र मानसिक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत बालकों में आयु के साथ होने वाले मानसिक परिवर्तनों की व्याख्या करता है। आधुनिक न्यूरोसाइंस के अनुसार, पियाजे की विभिन्न अवस्थाएँ (जैसे- संवेदी-गामक से औपचारिक संक्रियात्मक तक) मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के विकास, सिनैप्टिक प्रूनिंग और माइलीनॉउसिस से गहराई से जुड़ी हुई हैं। बालक सक्रिय रूप से अपने वातावरण के साथ अंतःक्रिया करते हुए आत्मीकरण (Assimilation) और समाजीकरण/समायोजन (Accommodation) के माध्यम से स्कीमा का निर्माण करता है। प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में यह दृष्टिकोण 'डिस्कवरी-बेस्ड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी' (खोज-आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र) का समर्थन करता है, जिससे विद्यार्थियों में संरक्षण, प्रतिवर्तता और तार्किक समस्या-समाधान का विकास होता है।
अगला प्रश्न →
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ…
← पिछला प्रश्न
'जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के…
Related Questions
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: आत्मकेन्द्रितता, संरक्षण की कमी और अनुत्क्रमणीयता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'ेंट्रल इंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच कार्यकारी कार्यप्रणाली (Executive Function), कार्यशील स्मृति (Working Memory) सीमा, और विकेंद्रीकरण (Decentration) की कमी की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक संज्ञानात्मक विकास' दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी अनुभव, दृश्य-स्थानिक स्कैफोल्डिंग व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के अंतर्गत 'जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित चार अवस्थाओं — संवेदी-गामक (Sensorimotor), पूर्व-संक्रियात्मक (Preoperational), मूर्त-संक्रियात्मक (Concrete Operational), और औपचारिक-संक्रियात्मक (Formal Operational) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सिनैप्टिक छंटनी (Synaptic Pruning), माइलिनेशन (Myelination), और न्यूरोनल सर्किट रीऑर्गेनाइजेशन की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'संज्ञानात्मक विकास के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-जेनेटिव कॉग्निटिव पेडागोजी' (Neuro-Generative Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक संरक्षण, अमूर्त चिंतन व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास की अवस्थाएँ' (Stages of Child Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था और मूर्त संक्रियात्मक अवस्था के बीच का संक्रमण काल) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'इन्फीरियर पैराइटल लोब' (Inferior Parietal Lobule) के बीच सेंट्रेशन से डिसेंट्रेशन की ओर बदलाव, कार्यकारी स्मृति विस्तार, और संरक्षण (Conservation) की क्षमता के उद्भव की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डेवलपमेंटल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Developmental Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, विकेंद्रीकृत सोच (Decentered Thinking) व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - कार्यकारी नियंत्रण और योजना), 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - सामाजिक प्रेक्षण और अनुकरण), तथा 'भाषा प्रसंस्करण केंद्र' (Broca's and Wernicke's Areas - आंतरिक वाक् और मध्यस्थता) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक युग्मन (Social-Cognitive Coupling), सहयोगात्मक तंत्रिका सक्रियण, और अंतःवैयक्तिक से अंतरावैयक्तिक नियमन (Inter-psychological to Intra-psychological regulation) की गतिकी, तथा जीन पियाजे के 'व्यक्तिगत संज्ञानात्मक निर्माणवाद' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोमेटापेड़ागोजी' (Neuro-Sociocultural Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, सामाजिक मध्यस्थता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम की प्रक्रिया और संज्ञानात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चरण' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त संक्रियात्मक और औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'डॉसोलेटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), एसिमिलेशन-अकोमोडेशन (Assimilation and Accommodation), और कार्यकारी स्मृति (Working Memory) के बीच की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के प्रतिनिधित्व के तरीके' (Enactive, Iconic, and Symbolic Modes) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिस्कवरी-बेस्ड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Discovery-Based Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अमूर्त समस्या-समाधान कौशल व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन (Equilibration) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'संज्ञानात्मक असंतुलन' (Cognitive Disequilibrium), 'आत्मसाततीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation), और 'साम्यधारण' (Equilibration) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) के बीच स्कीमा रीमॉडेलिंग (Schema Remodeling), संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), और त्रुटि-संचालित अधिगम (Error-Driven Learning) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'आंतरिककरण प्रक्रिया' (Internalization Process) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कॉग्निटिव-कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Cognitive-Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम तार्किक सोच, वैचारिक रूपांतरण व समग्र ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'विशेष आवश्यकता वाले बालक और जेंडर संवेदनशीलता' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग के 'जेंडर स्कीमा सिद्धांत' और सैंड्रा बेम (Sandra Bem) द्वारा प्रतिपादित 'जेंडर स्कीमा थ्योरी' (Gender Schema Theory) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'टेम्पोपैरिएटल जंक्शन' (TPJ) और 'अमिगडाला' के बीच सांस्कृतिक रूढ़ियों का आंतरिककरण, सामाजिक-संवेगात्मक श्रेणीकरण और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'नैतिक विकास के परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, जेंडर-समावेशी समतावादी शिक्षाशास्त्र (Gender-Inclusive Egalitarian Pedagogy) और विद्यार्थियों में पूर्वाग्रह-मुक्त सोच, तार्किक समता व समग्र सामाजिक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास एवं अधिगम के सिद्धांत' के अंतर्गत 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मीडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (mPFC) और 'इंसुला' (Insula) के बीच सामाजिक परिप्रेक्ष्य लेने की क्षमता की अपरिपक्वता, दृश्य-स्थानिक विकेंद्रीकरण की विसंगति तथा कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'दृश्य परिप्रेक्ष्य ग्रहण' (Visual Perspective-Taking: Level 1 and Level 2) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विकेंद्रीकरण संवर्धन आधारित शिक्षाशास्त्र (Decentration-Focused Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, तार्किक विकेंद्रीकरण व समग्र बौद्धिक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.