सृजनशीलता (Creativity)
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'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)' के घटकों — यथा प्रवाहशीलता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विस्तारण (Elaboration) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network), और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच कार्यात्मक कनेक्टिविटी (Functional Connectivity), वैचारिक विचलन (Conceptual Divergence), और नवीन संयोजन निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking)' के सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिव-इन्नोवेटिव पेडागोजी (Creative-Innovative Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, कल्पनाशीलता व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में सृजनात्मकता (Creativity) और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक पहलुओं का विश्लेषण किया गया है। जे.पी. गिलफोर्ड ने अपसारी चिंतन के प्रमुख तत्व—प्रवाहशीलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तारण—दिए हैं। न्यूरोसाइंस के दृष्टिकोण से, जब कोई व्यक्ति सृजनात्मक कार्य या अपसारी चिंतन करता है, तो मस्तिष्क का 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (जो विचारों और कल्पना से जुड़ा है) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (जो विचारों के मूल्यांकन और चयन से जुड़ा है) एक साथ सहयोग करते हैं। एडवर्ड डी बोनो का 'पार्श्व चिंतन' भी पारंपरिक लीक से हटकर सोचने की क्षमता को बढ़ावा देता है। अतः विकल्प (a) इन न्यूरो-संज्ञानात्मक और शैक्षणिक सिद्धांतों की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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