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सृजनशीलता (Creativity)
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'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)' के घटकों — यथा प्रवाहशीलता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विस्तारण (Elaboration) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network), और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच कार्यात्मक कनेक्टिविटी (Functional Connectivity), वैचारिक विचलन (Conceptual Divergence), और नवीन संयोजन निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking)' के सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिव-इन्नोवेटिव पेडागोजी (Creative-Innovative Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, कल्पनाशीलता व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में सृजनात्मकता (Creativity) और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक पहलुओं का विश्लेषण किया गया है। जे.पी. गिलफोर्ड ने अपसारी चिंतन के प्रमुख तत्व—प्रवाहशीलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तारण—दिए हैं। न्यूरोसाइंस के दृष्टिकोण से, जब कोई व्यक्ति सृजनात्मक कार्य या अपसारी चिंतन करता है, तो मस्तिष्क का 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (जो विचारों और कल्पना से जुड़ा है) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (जो विचारों के मूल्यांकन और चयन से जुड़ा है) एक साथ सहयोग करते हैं। एडवर्ड डी बोनो का 'पार्श्व चिंतन' भी पारंपरिक लीक से हटकर सोचने की क्षमता को बढ़ावा देता है। अतः विकल्प (a) इन न्यूरो-संज्ञानात्मक और शैक्षणिक सिद्धांतों की दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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→ समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का मुख्य शैक्षणिक सिद्धांत निम्नलिखित में से किस मान्यता पर आधारित है? → 'अधिगम मूल्यांकन और मापन के आधुनिक दृष्टिकोण' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा संशोधित 'संज्ञानात्मक उद्देश्य वर्गीकरण' (Revised Bloom's Taxonomy) के अंतर्गत 'स्मरण करना' (Remembering), 'समझना' (Understanding), 'अनुप्रयोग करना' (Applying), 'विश्लेषण करना' (Analyzing), 'मूल्यांकन करना' (Evaluating), और 'सृजन करना' (Creating) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की पदानुक्रमित सक्रियण प्रक्रिया, तथा नॉर्मन वेब (Norman Webb) द्वारा प्रतिपादित 'ज्ञान की गहराई' (Depth of Knowledge - DoK) मॉडल के चार स्तरों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) में 'मूल्यांकन' का क्या स्वरूप होना चाहिए? → 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (1. तैयारी / Preparation, 2. उद्भवन / Incubation, 3. प्रदीप्ति या आहा! अनुभव / Illumination, और 4. सत्यापन / Verification) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एंटिरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच अचेतन सूचना पुनर्गठन (Unconscious Information Reorganization), संज्ञानात्मक नियंत्रण विश्राम, और नए विचारों के मूल्यांकन की सक्रियण गतिकी, तथा जोइ गिलफोर्ड (Joy Paul Guilford) के 'अपसारी चिंतन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान की मौलिकता, लीक से हटकर सोचने की क्षमता व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'सृजनात्मकता एवं divergent thinking' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect Model) और 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाह, लचीलापन, मौलिकता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन, मस्तिष्क के दो गोलार्द्धों के बीच अंतर-हेमिस्फेरिक समन्वय (Inter-hemispheric Communication via Corpus Callosum), और सहज अंतर्दृष्टि की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creative Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान, मौलिक अभिव्यक्ति व समग्र अभिनव कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'सृजनात्मकता और चिंतन (Creativity and Thinking)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे. पी. गिलफर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएन्सी, फ्लेक्सिबिलिटी, ओरिजिनलिटी और एलैबोरेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), सहज साहचर्य (Spontaneous Association), और कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिव-ओरिएंटेड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Creative-Oriented Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, वैचारिक विविधता व समग्र सृजनात्मक क्षमताओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'सृजनात्मकता और divergent thinking' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसफ गिल्फर्ड (Joy Paul Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अभिसारी' (Convergent) और 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'पोस्टेरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (Posterior Cingulate Cortex) के बीच विचारों के सहज प्रवाह (Fluency), लचीलेपन (Flexibility), और नवीनता (Originality) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्वीय चिंतन सिद्धांत' (Lateral Thinking Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिविटी-फ्रेम्ड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Creativity-Framed Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम संज्ञानात्मक लचीलेपन, मौलिक समस्या-समाधान कौशल व समग्र सृजनात्मक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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