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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) और रॉबर्ट वुडवर्थ (Robert Woodworth) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) तथा चालर्स जुड (Charles Judd) के 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सुपरियर पैरिएटल लोब' (Superior Parietal Lobe) के बीच न्यूरोनल सर्किट रीमैपिंग (Neuronal Circuit Remapping), संज्ञानात्मक अनुकूलता (Cognitive Flexibility), और क्रॉस-कॉन्टेक्स्ट ट्रांसफर (Cross-Context Transfer) की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड पर्किन्स (David Perkins) और ग्वेन سالomon (Gwen Salomon) के 'निकट और दूर स्थानांतरण' (Near and Far Transfer) के सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'ट्रांसफर-ओरिएंटेड कॉग्निटिव पेडागोजी' (Transfer-Oriented Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान कौशल, वैचारिक सामान्यीकरण व समग्र ज्ञान अनुप्रयोग के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम का स्थानांतरण (Transfer of Learning) शिक्षा मनोविज्ञान का एक केंद्रीय विषय है। थार्नडाइक का 'समान तत्वों का सिद्धांत' और जुड का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' इस बात पर बल देते हैं कि एक परिस्थिति में सीखा गया ज्ञान या कौशल जब दूसरी परिस्थिति में उपयोग किया जाता है, तो इसके पीछे न्यूरो-संज्ञानात्मक प्रक्रियाएं जैसे कि प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की कार्यकारी कार्यप्रणाली और हिप्पोकैम्पस की स्मृति समेकन क्षमता कार्य करती हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'ट्रांसफर-ओरिएंटेड कॉग्निटिव पेडागोजी' इसी न्यूरो-बायोलॉजिकल लचीलेपन का उपयोग करके विद्यार्थियों में वैचारिक सामान्यीकरण और व्यावहारिक समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देती है। अतः विकल्प (A) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Related Questions
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लॉरेन्स कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को मुख्य रूप से तीन स्तरों (Levels) और प्रत्येक स्तर में दो-दो अवस्थाओं (Stages) यानी कुल छह अवस्थाओं में विभाजित किया है, जिसका अध्ययन करने के लिए उन्होंने 'डिलेमा' (Dilemma - दुविधा) कहानियों, विशेष रूप से 'हाइन्ज डिलेमा' (Heinz Dilemma) का उपयोग किया था।
2. 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Pre-conventional Level - लगभग 4 से 10 वर्ष) की दूसरी अवस्था 'सापेक्षिक सुखवादी अभिविन्यास' (Instrumental Relativist Orientation) से संबंधित है, जिसमें बालक दूसरों की भलाई के लिए नहीं बल्कि केवल अपने स्वार्थ, व्यक्तिगत लाभ या 'जैसे को तैसा' (Tit for Tat) के आदान-प्रदान के नियम के आधार पर निर्णय लेता है।
3. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Post-conventional Level) की अंतिम अवस्था (छठी अवस्था) 'सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) कहलाती है, जिसमें व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों की परवाह किए बिना अपने अंतःकरण, मानवाधिकारों और न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है, भले ही वे कानून के विरुद्ध क्यों न हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भूगोल, जलवायु और कृषि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान और मृदा की भिन्नताओं को दर्शाते हैं।
2. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ और चिकनी होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल धान है, जबकि उत्पादन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत में गेहूॅं और गन्ने के उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theories of Personality) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित शील गुणों के वर्गीकरण—'कार्डिनल शील गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), और 'गौण शील गुण' (Secondary Traits)—के वैज्ञानिक स्वरूप, रेमंड कैटेल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'सतह शील गुण' (Surface Traits) और 'स्रोत शील गुण' (Source Traits) के अंतर, तथा हेंस आइजेंक (Hans Eysenck) के त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल [अंतर्मुखता-बहिर्मुखता (Extraversion), न्यूरोटिकिज़्म/मनोविच्छिन्नता (Neuroticism), और साइकोटिसिज़्म (Psychoticism)] के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) तथा चार्ल्स जड (Charles Judd) के 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'पूर्व मोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), स्कीमा अनुAdaptation (Schema Adaptation), और तंत्रिका संबंधी क्रॉस-वेब सक्रियण की गतिकी, तथा गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों के 'सूझ और पूर्णता के सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, ट्रांसफर-ओरिएंटेड एडैप्टिव पेडागोजी और विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल अंतरण, अमूर्त समस्या-समाधान व समग्र संज्ञानात्मक समेकन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि के सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) और 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'कॉर्टिको-स्ट्रिएटल सर्किट' (Corticostriatal Circuit), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच सिनैप्टिक सुदृढ़ीकरण (Synaptic Potentiation), आदत निर्माण और मोटर कौशल स्वचालन की सक्रियण गतिकी, तथा डोनाल्ड हेब (Donald Hebb) द्वारा प्रतिपादित 'हेब्बियन लर्निंग' (Hebbian Learning: 'न्यूरॉन्स जो एक साथ फायर होते हैं, वे एक साथ जुड़ जाते हैं') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अभ्यास-आधारित पुनरावृत्ति शिक्षाशास्त्र (Drill and Practice Pedagogy) और विद्यार्थियों में कौशल दक्षता, समस्या-समाधान की गति व समग्र अधिगम स्थायित्व के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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