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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (Autism Spectrum Disorder - ASD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (Superior Temporal Sulcus), और 'अमिकडाला' (Amygdala) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, सामाजिक संकेतों की कमी, और भावात्मक समनुभूति (Affective Empathy) की सक्रियण गतिकी, तथा साइमन बैरन-कोहेन (Simon Baron-Cohen) के 'एम्पैथाइजिंग-सिस्टमेटाइजिंग (E-S) थ्योरी' और 'माइंडब्लाइंडनेस' (Mindblindness) अवधारणा के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑटिज्म ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Autism Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवादात्मक कौशल, पूर्वानुमानित दिनचर्या (Predictable Routines) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल, कॉग्निटिव और समावेशी पेडागोजी के पहलुओं का समग्र मूल्यांकन किया गया है। ASD से पीड़ित बच्चों में मिरर न्यूरॉन सिस्टम (MNS) और 'Theory of Mind' (ToM) से जुड़े मस्तिष्क क्षेत्रों (जैसे सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई) की कार्यप्रणाली में भिन्नता पाई जाती है, जिसके कारण वे दूसरों के दृष्टिकोण और भावनाओं को सहजता से नहीं समझ पाते (जिसे साइमन बैरन-कोहेन ने 'Mindblindness' कहा है)। उनकी इस विशेषता को ध्यान में रखते हुए, समावेशी कक्षाओं में दृश्य-आधारित संरचनात्मक रणनीतियाँ (जैसे PECS, शेड्यूल बोर्ड) और 'न्यूरो-ऑटिज्म ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' का उपयोग उनके सामाजिक-संवादात्मक कौशल व संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में सर्वाधिक प्रभावी होता है। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य और उपयुक्त है।
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उत्तर प्रदेश की राजव्यवस्था, पंचायती राज व्यवस्था और विधानमंडल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश विधानसभा (Legislative Assembly) में कुल सदस्यों की संख्या 403 है, और यदि आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के मनोनयन के प्रावधान को समाप्त कर दिया जाए (104वें संविधान संशोधन के पश्चात), तो यह पूरी तरह निर्वाचित सदन है, जिसके गठन के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष निर्धारित है। 2. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council) एक स्थायी सदन है जिसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, और इसके कुल सदस्यों में से एक-तिहाई सदस्य स्थानीय संस्थाओं (जैसे नगर निगम, जिला पंचायत आदि) द्वारा चुने जाते हैं। 3. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) का विधिवत शुभारंभ उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 के तहत किया गया था, और 73वें संविधान संशोधन (1992) के माध्यम से इसे संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया जिसके तहत पंचायतों में महिलाओं के लिए न्यूनतम एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित की गईं। 4. उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त और उपलोकायुक्त अधिनियम के तहत नियुक्त राज्य के पहले 'लोकायुक्त' न्यायमूर्ति विशंभर दयाल थे, जिनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा, तथा इस पद पर नियुक्त होने वाले व्यक्ति का चयन मुख्यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की संयुक्त समिति द्वारा किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुआयामी और पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के अंतर्गत 'सामान्य बुद्धि (g-factor)' और 'विशिष्ट बुद्धि (s-factor)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिस्ट्रिब्यूटेड प्रीफ्रंटल-पैरिटल इंटीग्रेशन नेटवर्क' (P-FIT Model) की कार्यात्मक गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'स्थानिक (Spatial)', 'संगीतज्ञ (Musical)', और 'शारीरिक-संवेदी गतिक (Bodily-Kinesthetic)' बुद्धियों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित मूल्यांकन (Differentiated Assessment) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत संज्ञानात्मक योग्यताओं के समग्र विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और मिट्टी (Soil) के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी भाग (बुंदेलखंड क्षेत्र) में अधिकांशतः प्राचीन रवेदार चट्टानों के टूटने-फूटने से लाल-पीली, परुवा और मार मृदा का निर्माण हुआ है, जो जलधारण क्षमता में अत्यधिक उत्तम होती हैं। 2. 'राड़' या 'मार' मृदा चिकनी मिट्टी की अधिकता वाली एक ऐसी काली उपजाऊ मृदा है, जो सूखने पर कड़ी हो जाती है और उसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं, तथा यह कपास और चने की खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है। 3. उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में पाई जाने वाली 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) को स्थानीय भाषा में 'खादर' (नवीन जलोढ़) और 'बांगर' (प्राचीन जलोढ़) के रूप में विभाजित किया जाता है, जिसमें बांगर मृदा खादर की तुलना में अधिक उपजाऊ होती है क्योंकि यहाँ प्रतिवर्ष बाढ़ का पानी नई उपजाऊ मिट्टी लेकर आता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम के अंतर्गत 'जैव विविधता और संरक्षण' (Biodiversity and Conservation) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'इन-सिटू' (In-situ Conservation) संरक्षण के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) में ही किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण राष्ट्रीय उद्यान (National Parks), वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) हैं। 2. 'एक्स-सिटू' (Ex-situ Conservation) संरक्षण के अंतर्गत संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर लाकर विशेष रूप से संरक्षित वातावरण में रखा जाता है, जैसे कि वानस्पतिक उद्यान (Botanical Gardens), चिड़ियाघर (Zoos) और जीन बैंक (Gene Banks)। 3. 'हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा का प्रतिपादन नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा किया गया था, और किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए न्यूनतम शर्तें हैं- उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक पौधों (Endemic Plants) की प्रजातियाँ होनी चाहिए और उसने अपनी मूल प्राथमिक वनस्पति का कम से कम 75% भाग खो दिया हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मनोवैज्ञानिक रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) के संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अंतर्गत वर्णित अचेतन सुरक्षा रणनीतियों—जैसे 'दमन' (Repression), 'प्रक्षेपण' (Projection), 'प्रतिगमन' (Regression), और 'यक्तिकरण/तर्कसंगतीकरण' (Rationalization)—के मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा अन्ना फ्रायड (Anna Freud) द्वारा इन रक्षा तंत्रों के वर्गीकरण और विस्तार के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक कक्षा-कक्ष वातावरण में विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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