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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रि-आयामी और बहुकारक सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-तत्व सिद्धांत' (Multifactor Theory: सामाजिक, मूर्त और अमूर्त बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - अमूर्त और तार्किक बुद्धि), 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex - मूर्त और व्यावहारिक बुद्धि), और 'टेम्पोरो-पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Temporo-Parietal Cortex - सामाजिक बुद्धि व अंतर्व्यक्तिगत संज्ञान) के बीच विशिष्ट तंत्रिका मार्ग सक्रियण (Specific Neural Pathway Activation), सिनेप्टिक स्पेशलाइजेशन, और संज्ञानात्मक मॉड्यूलर स्वतंत्रता की सक्रियण गतिकी, तथा लुई थर्स्टून (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत' (Primary Mental Abilities) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस मॉड्युलेटेड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Modulated Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी क्षमताओं के संतुलित विकास, संज्ञानात्मक अनुकूलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न एडवर्ड थॉर्नडाइक के बहु-तत्व सिद्धांत (Multifactor Theory) और लुई थर्स्टून के प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत के न्यूरो-संज्ञानात्मक (Neuro-cognitive) और शैक्षणिक निहितार्थों पर आधारित है। थॉर्नडाइक ने बुद्धि को अमूर्त (Abstract), मूर्त (Concrete) और सामाजिक (Social) बुद्धि के रूप में वर्गीकृत किया है, जिनके न्यूरो-बायोलॉजिकल आधार मस्तिष्क के विभिन्न विशिष्ट क्षेत्रों जैसे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स, सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स और टेम्पोरो-पैरिएटल कॉर्टेक्स से जुड़े हैं। आधुनिक समावेशी शिक्षा में 'न्यूरो-इंटेलिजेंस मॉड्युलेटेड पेडागोजी' इन्हीं तंत्रिका नेटवर्कों और व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों में बहु-आयामी क्षमताओं और संज्ञानात्मक लचीलेपन का विकास करती है। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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