सृजनशीलता (Creativity)
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'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गिलफर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएंसी, फ्लेक्सिबिलिटी और ओरिजिनलिटी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN: स्वतःस्फूर्त कल्पना, मानसिक सिमुलेशन और आंतरिक विचार), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN: विचारों के मूल्यांकन, चयन और रणनीतिक नियंत्रण), तथा 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network - आंतरिक और बाहरी उत्तेजनाओं के बीच स्विचिंग) के बीच गतिशील तंत्रिका सहभागिता (Dynamic Neural Interaction), फंसी हुई संज्ञानात्मक कठोरता का विघटन, और न्यूरोनल लचीलेपन (Neuronal Plasticity) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड डायवर्जेंट पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Divergent Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, बहु-आयामी दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) का न्यूरो-संज्ञानात्मक अध्ययन यह दर्शाता है कि मस्तिष्क के तीन प्रमुख नेटवर्क—डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क (DMN - जो स्वतःस्फूर्त विचारों और कल्पना से जुड़ा है), कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क (ECN - जो विचारों के चयन और तार्किक मूल्यांकन में मदद करता है), और सेलिएंस नेटवर्क (Salience Network - जो आंतरिक व बाहरी संकेतों के बीच स्विच करता है)—एक साथ मिलकर कार्य करते हैं। रचनात्मक प्रक्रिया में न केवल मौलिक विचारों का उत्पन्न होना आवश्यक है, बल्कि उनका आलोचनात्मक मूल्यांकन भी जरूरी होता है। अतः विकल्प (b) इस जटिल तंत्रिका गतिकी और आधुनिक समावेशी पेडागोजी के संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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