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भाषा विकास
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आरंभिक बाल्यावस्था में भाषा विकास के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noom Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) की अवधारणा के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा कथन बच्चे की भाषाई क्षमता की सर्वाधिक सटीक व्याख्या करता है?

Detailed Explanation

नोम चॉम्स्की के अनुसार, मनुष्यों में भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है। उन्होंने 'भाषा अर्जन यंत्र' (LAD) और 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) का सिद्धांत दिया, जिसके तहत सभी मानव भाषाओं में कुछ बुनियादी व्याकरणिक नियम समान रूप से निहित होते हैं जो बच्चों के मस्तिष्क में जैविक रूप से पहले से मौजूद होते हैं। इसीलिए बच्चे बिना किसी औपचारिक शिक्षण के अपने परिवेश के सीमित भाषाई इनपुट (Linguistic Input) से भी तेजी से अपनी मातृभाषा सीख लेते हैं। विकल्प 'b' इस सिद्धांत की सबसे सटीक व्याख्या करता है, जबकि अन्य विकल्प व्यवहारवादी (Behaviorist) या अन्य दृष्टिकोणों से संबंधित हैं।
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अगला प्रश्न → बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noom… ← पिछला प्रश्न 'भाषा और विचार' (Language and Thought) के…

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→ बच्चों में भाषा अर्जन (Language Acquisition) और भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नॉम चोमस्की (Noam Chomsky) के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की एक जन्मजात क्षमता होती है, जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है, और इसके समर्थन में वे 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के सिद्धांत को प्रस्तुत करते हैं। 2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) का मानना था कि भाषा और विचार शुरुआत में दो स्वतंत्र गतिविधियाँ होती हैं, जो बाद में (लगभग दो वर्ष की आयु के आसपास) आपस में मिल जाती हैं, और सामाजिक अंतःक्रिया भाषा विकास का सबसे मुख्य आधार है। 3. बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के अनुसार बच्चे भाषा अनुकरण (Imitation), पुनर्बलन (Reinforcement) और अभ्यास (Practice) के माध्यम से सीखते हैं, न कि किसी जन्मजात आंतरिक नियम प्रणाली के द्वारा। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा केवल विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संज्ञानात्मक विकास को आकार देने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है। 2. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है और व्याकरण के सार्वभौमिक नियम उनके अंतर्जात होते हैं। 3. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास बच्चे के अहंकेंद्रित वाक् (Egocentric Speech) से शुरू होता है और धीरे-धीरे सामाजिक वाक् में परिवर्तित होता है, जो वाइगोत्स्की के इस विचार से पूरी तरह मेल खाता है कि निजी वाक् (Private Speech) पूरी तरह से सामाजिक अंतःक्रिया का परिणाम है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का उपोत्पाद (By-product) है, और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है जो दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थता का प्रतीक है। 2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआती जीवन में दो स्वतंत्र और अलग स्रोत से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं, और उनका 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को स्व-विनियमन (Self-regulation) में मदद करता है। 3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता एक सामाजिक अनुबंधन का परिणाम है, न कि कोई जन्मजात या जैविक विशेषता। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) के सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चॉम्स्की का यह मानना है कि बच्चे जन्मजात रूप से भाषा सीखने की एक अंतर्भूत क्षमता के साथ पैदा होते हैं, जिसे 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) कहा जाता है, और यह क्षमता मानव मस्तिष्क की एक जैविक विशेषता है। 2. इस सिद्धांत के अनुसार, बच्चों को भाषा सीखने के लिए किसी भी प्रकार की औपचारिक शिक्षा या बाहरी परिवेशीय पुनर्बलन (Reinforcement) की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि बाहरी वातावरण केवल बच्चे के आंतरिक व्याकरण को सक्रिय करने का कार्य करता है। 3. चॉम्स्की के इस सिद्धांत को संज्ञानात्मक विकास के अंतर्गत जीन पियाजे के विचारों का पूर्ण समर्थन प्राप्त था, क्योंकि पियाजे का भी यही मानना था कि भाषा का विकास बच्चे के पूर्व-क्रियात्मक चरण के दौरान उसके अनुभव और सामाजिक अंतःक्रिया से स्वतंत्र रूप से होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के भाषा अर्जन सिद्धांत (Language Acquisition Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चोमस्की के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की एक जन्मजात क्षमता होती है, जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है, और वे व्याकरण के सार्वभौमिक नियमों (Universal Grammar) के साथ पैदा होते हैं। 2. यह सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि बच्चे अपने पर्यावरण से केवल अनुकरण (Imitation) और पुनर्बलन (Reinforcement) के माध्यम से ही भाषा सीखते हैं, और इसमें जैविक कारकों की कोई विशेष भूमिका नहीं होती है। 3. चोमस्की का यह दृष्टिकोण व्यवहारवादी (Behaviorist) मनोवैज्ञानिकों जैसे बी.एफ. स्किनर के इस दावे का खंडन करता है कि भाषा मुख्य रूप से उद्दीपन-प्रतिक्रिया (Stimulus-Response) और आदत निर्माण के द्वारा सीखी जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण और उसके व्याकरणिक पहलुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिंदी भाषा शिक्षण में 'व्याकरण-अनुवाद विधि' (Grammar-Translation Method) मुख्य रूप से मातृभाषा के माध्यम से द्वितीय भाषा के नियमों को रटने और लिखित अनुवाद पर बल देती है, जिससे बालकों में स्वाभाविक मौखिक संप्रेषण कौशल का त्वरित विकास होता है। 2. भाषा अर्जन (Language Acquisition) और भाषा अधिगम (Language Learning) में यह अंतर है कि अर्जन एक अचेतन और स्वाभाविक प्रक्रिया है जो परिवेश के संपर्क से स्वतः होती है, जबकि अधिगम एक सचेत और प्रयासपूर्ण प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत व्याकरण के नियमों को औपचारिक रूप से सीखा जाता है। 3. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की पठन क्षमता (Reading Proficiency) के आकलन के लिए केवल सस्वर पठन (Aloud Reading) ही एकमात्र वैज्ञानिक और त्रुटिहीन विधि है, क्योंकि इसमें मौन पठन से छात्रों की मानसिक सहभागिता का सटीक माप नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → 'भाषा विकास और विचार' (Language Development and Thought) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा और विचार के सिद्धांतों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area), 'आर्क्यूएट फैसीकुलस' (Arcuate Fasciculus), और 'डॉसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation), आन्तरिक वाक् (Inner Speech) समेकन, और सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता की सक्रियण गतिकी, तथा नोआम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अधिग्रहण उपकरण' (LAD - Language Acquisition Device) और 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुभाषी दक्षता, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र संप्रेषण कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? → 'भाषा विकास और विचार (Language Development and Thought)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'अहंवादी वाचन (Egocentric Speech)' तथा 'संज्ञानात्मक पूर्ववर्ती भाषा' (Cognitive Precursor to Language) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्युएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच भाषाई संकेतिकरण, सिंटैक्टिक प्रसंस्करण, और सिमेंटिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'आंतरिक वाचन (Inner Speech)' और भाषा-विचार के अभिसरण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, साइको-लिंग्विस्टिक कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Psycho-Linguistic Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक स्वनिर्देशन, वैचारिक लचीलेपन व समग्र संप्रेषण क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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